सासाराम से होगी शुरुआत, पटना में होगा समापन; तेजस्वी यादव ने बताया “ऐतिहासिक अभियान”
पटना,(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) लोकसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी 17 अगस्त से बिहार में ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ की शुरुआत करेंगे। 16 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा में राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक के अन्य नेता 1,300 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करते हुए 20 से ज़्यादा ज़िलों से गुज़रेंगे।
इस अभियान का उद्देश्य मतदाताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और कथित ‘वोट चोरी’ व मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में अनियमितताओं के विरोध को मजबूत करना है।
“संविधान बचाने की लड़ाई”
एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर राहुल गांधी ने लिखा – “16 दिन, 20+ ज़िले, 1,300+ किलोमीटर। हम मतदाता अधिकार यात्रा के साथ लोगों के बीच आ रहे हैं। यह सबसे मौलिक लोकतांत्रिक अधिकार – ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ की रक्षा की लड़ाई है। संविधान बचाने के लिए बिहार में हमसे जुड़ें।”
यात्रा का कार्यक्रम
कांग्रेस सांसद द्वारा साझा कार्यक्रम के अनुसार, 17 अगस्त को यह यात्रा सासाराम, डेहरी ऑन सोन और रोहतास से शुरू होगी।18 अगस्त – कुटुम्बा, औरंगाबाद, देव और गुरारू।19 अगस्त – पुनामा वजीरगंज, गया, नवादा और बरबीगा।21 अगस्त – शेखपुरा के तीन मोहनी दुर्गा मंदिर से सिकंदरा, जमुई होते हुए मुंगेर।22 अगस्त – मुंगेर से सुल्तानगंज होते हुए भागलपुर।23 अगस्त – बरारी, कुर्सेला से कोरहा, कटिहार होते हुए पूर्णिया।24 अगस्त – पूर्णिया से अररिया होते हुए नरपतगंज। 26 अगस्त – सुपौल से मधुबनी होते हुए दरभंगा। 27 अगस्त – दरभंगा से मुजफ्फरपुर, फिर सीतामढ़ी।28 अगस्त – सीतामढ़ी से मोतिहारी होते हुए पश्चिम चंपारण।29 अगस्त – बेतिया से गोपालगंज होते हुए सीवान।30 अगस्त – छपरा, सारण और भोजपुर।20 अगस्त, 25 अगस्त और 31 अगस्त को यात्रा में “विराम दिवस” रखा गया है। अंतिम पड़ाव 1 सितंबर को पटना होगा।
तेजस्वी यादव का समर्थन
यात्रा से पहले, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने इसे “ऐतिहासिक” करार दिया। पटना में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा – “हम सासाराम से ‘वोट अधिकार यात्रा’ शुरू कर रहे हैं। उद्देश्य है कि कोई भी मतदाता सूची से बाहर न हो। इसके लिए हमने सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी है और राहत भी मिली है।”
उन्होंने याद दिलाया कि सर्वोच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग को बिहार की मसौदा मतदाता सूची से हटाए गए 65 लाख नामों की सूची कारण सहित प्रकाशित करने का निर्देश दिया है।
राजनीतिक माहौल में नई हलचल
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह यात्रा आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पहले बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकती है, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां मतदाता सूची से नाम कटने के मुद्दे ने बहस छेड़ रखी है।
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