पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)लंबित मुकदमों के निपटारे को गति देने के लिए बिहार पुलिस ने गवाही प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में ‘मेडलीप पीआर’ नामक विशेष ऐप तैयार किया जा रहा है, जिसके जरिए डॉक्टरों और मेडिकल अधिकारियों की गवाही ऑनलाइन दर्ज कराई जाएगी।
मुकदमों की सुनवाई में पोस्टमार्टम रिपोर्ट या इंजरी रिपोर्ट तैयार करने वाले डॉक्टरों की पेशी बेहद अहम होती है, लेकिन कोर्ट में उनकी बार-बार अनुपस्थिति से केस की गति प्रभावित होती रही है। अब, इस ऐप के जरिए डॉक्टर निर्धारित तारीख पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही दे सकेंगे।
पुलिसकर्मियों की सहूलियत के लिए वर्ष 2007 में एक पोर्टल विकसित किया गया था, जिसे अब दोबारा सक्रिय किया जा रहा है। दूर-दराज तैनात पुलिसकर्मी भी इसी पोर्टल के जरिए अपनी गवाही दे पाएंगे।
अधिकारियों का मानना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से गवाही की बाधाएं खत्म होंगी, केसों की सुनवाई समय पर पूरी होगी और दोषियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया तेज होगी। इससे लंबित मामलों के बोझ को कम करने में बड़ी मदद मिलेगी।
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