कदम कदम पर ठोस सुरक्षा हित,
यद्यपि अनेक प्रयत्न किये जाते हैं,
पर बिकने वाले तो बिक जाते हैं,
प्रश्न पत्र सार्वजनिक हो जाते हैं।
भारत में जब पीएम सीएम मंत्री
तक नहीं सुरक्षित रहने पाते हैं,
प्रश्नपत्र तो कागज के पन्ने हैं,
विक्रेता ख़रीददार मिल जाते हैं।
विद्यार्थी तो मेहनत से पढ़ते हैं,
पढ़कर ही परीक्षा देना चाहते हैं,
प्रश्न पत्र बनाने वाले भी अक्सर,
ईमानदारी के साथ पेपर बनाते हैं।
निजी स्वार्थ में ही भविष्य लाखों,
लाख होनहार देश के युवाओं का
हर साल ऐसे ही बरबाद कर देते हैं,
हम सब समाज वाले बिके हुये हैं।
आदित्य ईमानदारी सच्चाई व
वफ़ादारी के ढोल पीटे जाते हैं,
अपना स्वार्थ जब सामने होता है,
सामाजिक प्राणी बन बिक जाते हैं।
बस्ती (राष्ट्र की परम्परा)l जिले के ब्लॉक विक्रमजोत सभागार में बाल विकास परियोजना विक्रमजोत में…
विकसित भारत@2047 के संकल्प के साथ गांव से शहर तक होंगे विविध आयोजन, विभागवार अधिकारियों…
दो स्वर्ण समेत 11 पदक जीतकर स्कूल ओलंपिक्स में हासिल किया दूसरा स्थान गोरखपुर (राष्ट्र…
छह दिव्यांगजनों को वितरित की गई व्हीलचेयर, स्वरोजगार के लिए कौशल का उपयोग करने का…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक…
बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में मिहींपुरवा खंड…