PWD ठेकेदार संघ का आरोप, बिना तैयारी लागू किया गया प्रहरी ऐप बना समस्या

🔴 लोक निर्माण विभाग में प्रहरी ऐप और रॉयल्टी व्यवस्था के खिलाफ ठेकेदारों का विरोध, तकनीकी खामियों पर उठे गंभीर सवाल

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)लोक निर्माण विभाग में लागू की गई प्रहरी ऐप और रॉयल्टी व्यवस्था को लेकर प्रदेश भर के ठेकेदारों में भारी असंतोष देखने को मिल रहा है। ठेकेदार संघों ने इसे अव्यवहारिक, तकनीकी रूप से कमजोर और बिना तैयारी लागू किया गया सिस्टम बताते हुए विभागीय अधिकारियों को औपचारिक शिकायत सौंपी है।
ठेकेदार संघ की ओर से प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग लखनऊ को दिए गए ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जब से लोक निर्माण विभाग प्रहरी ऐप को प्रदेश के ठेकेदारों पर लागू किया गया है, तब से कार्य प्रणाली में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। ठेकेदारों का आरोप है कि बिना ट्रायल, बिना प्रशिक्षण और बिना तकनीकी तैयारी के इस ऐप को लागू करना पूरी तरह से अव्यवस्थित निर्णय है।

ये भी पढ़ें – बिकरू कांड: 5 साल बाद ऋचा दुबे ने खुशी दुबे पर लगाए आरोप

प्रदेश अध्यक्ष ठेकेदार संघ के नेतृत्व में इससे पहले भी मुख्यालय लखनऊ सहित कई जनपदों में PWD ठेकेदार विरोध दर्ज कराया जा चुका है। विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रहरी ऐप रॉयल्टी विवाद को प्रमुख मुद्दा बनाया गया था। ठेकेदारों का कहना है कि रॉयल्टी व्यवस्था को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के बाद भुगतान, सत्यापन और स्वीकृति में बार-बार तकनीकी त्रुटियां सामने आ रही हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि विभाग द्वारा बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया। उल्टा, रोज नए नियम बनाकर उन्हें प्रयोग के तौर पर लागू किया जा रहा है, जिससे ठेकेदारों पर आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ता जा रहा है। ठेकेदार संघ का मानना है कि यह स्थिति लोक निर्माण विभाग ऑनलाइन व्यवस्था की विफलता को दर्शाती है।
ठेकेदारों ने स्पष्ट मांग की है कि जब तक प्रहरी ऐप की तकनीकी खामियों को पूरी तरह दूर नहीं किया जाता, तब तक विभाग में हर प्रकार की ऑनलाइन व्यवस्था को अस्थायी रूप से बंद किया जाए। उनका कहना है कि अधूरी तकनीक के सहारे काम करना न केवल ठेकेदारों के लिए नुकसानदायक है, बल्कि सरकारी परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता पर भी असर डालता है।

ये भी पढ़ें – केंद्र सरकार की मंजूरी: PSGIC, NABARD और RBI कर्मियों की सैलरी-पेंशन बढ़ी

यह शिकायत केवल लखनऊ तक सीमित नहीं है। ठेकेदार संघों ने इस मुद्दे को प्रदेश के विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया है, जिनमें
मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग कानपुर,मुख्य अभियंता गोरखपुर क्षेत्र,मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग अलीगढ़,आगरा लोक निर्माण विभाग,मुख्य अभियंता मुरादाबाद लोक निर्माण विभाग मुरादाबाद
जैसे अधिकारी शामिल हैं।

ये भी पढ़ें – दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड जारी, कोहरा और धुंध का असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लोक निर्माण विभाग प्रहरी ऐप को पारदर्शिता और निगरानी के उद्देश्य से लाया गया है, तो पहले इसकी तकनीकी मजबूती, सर्वर क्षमता और यूजर-फ्रेंडली सिस्टम पर काम करना जरूरी है। बिना फील्ड टेस्ट और ग्राउंड फीडबैक के किसी भी डिजिटल सिस्टम को लागू करना व्यावहारिक नहीं कहा जा सकता।
फिलहाल, ठेकेदार संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो प्रदेश-स्तरीय आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आने वाले दिनों में यह विवाद PWD ठेकेदार संघ और विभाग के बीच बड़ा टकराव बन सकता है।

Editor CP pandey

Recent Posts

PWD निर्माण कार्यों में रॉयल्टी भुगतान व्यवस्था को लेकर प्रदेशभर के ठेकेदारों की बढ़ी चिंता

उत्तर प्रदेश के ठेकेदारों ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार, उपखनिज रॉयल्टी भुगतान व्यवस्था पर तत्काल…

17 hours ago

व्यथा धरा की

सुन कर मन की व्यथा धरा की ,आकाश को रोना पड़ेगाएक दिन ऐसा आएगाजब क्षितिज…

17 hours ago

प्रतिरोध स्वयं  का

✍️ सोनम सोनी आज मन का सागर शांतहो गया --- क्यों ।वो उथल-पुथल, हलचल हलचल,उलझन…

17 hours ago

सरकारी योजना का लाभ पाने का मौका, जरूरी दस्तावेजों के साथ 31 जुलाई को पहुंचें हाटा

कुशीनगर।(राष्ट्र की परम्परा) जनपद के दिव्यांगजनों के लिए राहत भरी खबर है। उत्तर प्रदेश शासन…

2 days ago

यात्रियों की सुरक्षा के लिए देवरिया स्टेशन पर चला विशेष चेकिंग अभियान

देवरिया रेलवे स्टेशन पर चला सघन सुरक्षा अभियान, डॉग स्क्वाड व बम निरोधक दस्ते ने…

3 days ago