देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद से टीबी, फाइलेरिया और कालाजार जैसे रोगों के उन्मूलन के लिए सामुदायिक सहभागिता बहुत ज़रूरी है। समस्त जनपदवासी संकल्पित होकर तक टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनायें और प्रधानमंत्री जी के स्वस्थ भारत की संकल्पना को साकार करें।
ये उदगार सदर सांसद डॉ. रमापति राम त्रिपाठी ने धन्वन्तरि सभागार में एकीकृत नि:क्षय दिवस के अवसर पर आयोजित टीबी, फाइलेरिया और कालाजार के उन्मूलन हेतु आयोजित की गयी जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक में व्यक्त किये । इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा, सभी जनपदों के सारे अस्पतालों में प्रत्येक माह की 15 तारीख को एकीकृत नि:क्षय दिवस मनाया जाता है और इसके अंतर्गत टीबी मरीजों की पहचान करके उन्हें सभी सम्बंधित जांचें और उपचार की सुविधा नि:शुल्क प्रदान की जाती है । इसके साथ ही इस अवसर पर कुष्ठ, फाइलेरिया एवं कालाजार रोगियों की पहचान करके उन्हें आवश्यक परामर्श और उपचार की सुविधा भी नि:शुल्क प्रदान की जाती है । उन्होंने यह भी कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत से टीबी उन्मूलन का लक्ष्य 2030 रखा है, मगर हमारे देश के प्रधानमंत्री ने वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा है और हम सबको इसके लिए अथक प्रयास करने होंगे ।सांसद महोदय ने बैठक में उपस्थित सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपरोक्त कार्यक्रमों को प्राथमिकता से सभी दिशा बैठकों ने शामिल करें और आवश्यक दिशा निर्देश जारी करें जिससे टीबी मरीजों की देखभाल के साथ साथ कालाजार और फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की गतिविधियाँ भी सुचारू रूप से संचालित होती रहें। इस अवसर पर सांसद और अन्य अधिकारियों ने 15 टीबी मरीजों को भी गोद लिया । इस अवसर पर सांसद एवं जिलाधिकारी द्वारा जनपद में नव नियुक्त 20 लैब टेकनीशियन को प्रशिक्षण उपरान्त प्रमाण पत्र प्रदान किया गया ।
जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि जनपद में टीबी, फाइलेरिया और कालाजार से सम्बंधित गतिविधियों की नियमित समीक्षा की जाती है और अगर गतिविधियों के क्रियान्वयन में कोई समस्या आती है तो उसका समाधान किया जाता है ताकि जनपद से इन रोगों का शीघ्र उन्मूलन किया जा सके । उन्होंने बताया कि 19 मई से जनपद में टीबी मरीजों की जांच का सघन अभियान शुरू होने वाला है। हम सब इसको सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास करें ताकि देवरिया टीबी मुक्त हो सके ।
मुख्य विकास अधिकारी रवीन्द्र कुमार ने बताया कि उपरोक्त सारे रोगों के उन्मूलन के लिए विकास खंड स्तर पर होने वाले समस्त कार्यक्रमों में अंतर विभागीय समन्वय से कार्य किया जा रहा है और इन कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए सतत प्रयास किये जा रहें हैं ।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश झा ने बताया कि जनपद में टीबी, फाइलेरिया और कालाजार से सम्बंधित कार्यक्रमों को इस तरह किर्यन्वयित किया जा रहा है कि गाँव की अंतिम आबादी तक इनसे सम्बंधित सुविधाओं और सेवाओं की उपलब्धता हो । उन्होंने बताया कि नि:क्षय पोर्टल पर दर्ज किये गए टीबी मरीजों को समस्त उपचार के साथ ही 500 रुपये की पोषण सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है। उन्होंने बताया कि सभी हेल्थ एंड वैलनेस सेण्टर द्वारा टीबी मरीजों को चिन्हित करने के लिए बलगम की जांच की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है ।
सांसद एवं जिलाधिकारी ने वर्चुअल रूप से जुड़े लोगों से बात करके कार्यक्रम की समीक्षा भी की |
इस अवसर पर जनपद स्तरीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों, और अन्य सहयोगी संस्थाओं विश्व स्वास्थ्य संगठन, पाथ, सीफार एवं ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज के प्रतिनिधियों ने भी प्रतिभाग किया । इसके अतिरिक्त जनपद के विभिन्न विकास खण्डों के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी वर्चुअल रूप से प्रतिभाग किया ।
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