राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने IVRI, बरेली के 11वें दीक्षांत समारोह में दी विद्यार्थियों को सफलता की शुभकामनाएं

बरेली, (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI), बरेली के स्वामी विवेकानंद सभागार में सोमवार को आयोजित 11वें दीक्षांत समारोह में देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। राष्ट्रपति के साथ समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी भी उपस्थित रहे। इन विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति से समारोह की गरिमा और अधिक बढ़ गई।

सुबह लगभग 9:50 बजे राष्ट्रपति मुर्मू का विमान बरेली के त्रिशूल एयरबेस पर उतरा। तेज बारिश के बावजूद विमान तय समय पर पहुंचा। एयरबेस पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रपति सीधे आईवीआरआई परिसर पहुंचीं, जहां उन्होंने दीक्षांत समारोह को संबोधित किया और विद्यार्थियों को स्वर्णिम भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

समारोह में राष्ट्रपति ने बीवीएससी, एमवीएससी और पीएचडी कोर्स के आठ मेधावी विद्यार्थियों को स्वयं डिग्रियां और स्वर्ण पदक प्रदान कर सम्मानित किया। सम्मानित होने वाले विद्यार्थियों में डॉ. तान्या चौधरी, डॉ. अतुल प्रताप सिंह, डॉ. नवजोत सिंह ठाकुर, डॉ. सेलस सीएम, डॉ. खुशबू चौधरी, डॉ. राजकुमार पटेल, डॉ. मेघा शर्मा और डॉ. अमिता बानू शामिल रहीं।

राष्ट्रपति के भाषण के दौरान सभागार तालियों से गूंज उठा। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सा के क्षेत्र में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है और यह क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में योगदान दे सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अनुसंधान और नवाचार को अपना लक्ष्य बनाएं।

इस बार कुल 576 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 41 छात्रों को बीवीएससी एंड एएच, 328 को एमवीएससी और 207 को पीएचडी की डिग्रियां दी गईं। कार्यक्रम के दौरान छात्रों के लिए पारंपरिक ड्रेस कोड निर्धारित था, जिसमें छात्र सफेद कुर्ता-पायजामा और छात्राएं लाल बॉर्डर वाली सफेद साड़ी में नजर आईं। इससे समारोह में भारतीय परंपरा और अनुशासन का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।

विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में दीक्षांत समारोह को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया। यह आयोजन न केवल शिक्षण संस्थान के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक गौरवपूर्ण अवसर बन गया।

Editor CP pandey

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