गयाजी/बिहार (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बिहार के गयाजी स्थित प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर में अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए पिंडदान और जल तर्पण किया। यह अनुष्ठान हिंदू धर्म की प्राचीन परंपरा का एक अभिन्न अंग है, जिसके तहत पितृ पक्ष के दौरान पूर्वजों को याद किया जाता है।
विष्णुपद मंदिर ट्रस्ट के कार्यकारी अध्यक्ष, शंभू लाल विट्ठल ने बताया कि राष्ट्रपति ने पूरी श्रद्धा के साथ पूजा स्थल पर यह महत्वपूर्ण अनुष्ठान संपन्न किया। ऐसा माना जाता है कि पिंडदान करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति और मुक्ति मिलती है। हर वर्ष पितृ पक्ष के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस पवित्र अनुष्ठान के लिए गयाजी आते हैं।
राष्ट्रपति की इस यात्रा के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। गयाजी हवाई अड्डे पर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और राज्य मंत्री प्रेम कुमार ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
राष्ट्रपति का यह दौरा न केवल एक उच्च-स्तरीय यात्रा थी, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति उनकी गहरी आस्था को भी दर्शाता है। यह अनुष्ठान भारतीय परंपरा में पूर्वजों के प्रति सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक है।
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