पहले से कहीं अधिक बेहतर एवं सख्त की जाएगी पुलिसिंग:नवागत थाना प्रभारी भरथ शाह

भाटपार रानी/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
08 अप्रैल मंगलवार पड़ोसी राज्य बिहार के सिवान जिला स्थित नवागत थाना प्रभारी मैरवा भरथ शाह से हुए बात चित के कुछ खास अंश प्रस्तुत हैं।

प्रश्न:
आपको एक नए थाना प्रभारी मैरवा के रूप में कितनी चुनौती एवं प्रथम प्राथमिकता में क्या रहेगा???

उत्तर:
देखिए हम यहां पर नए थाना प्रभारी के रूप में प्रथम कार्यभार जरूर ग्रहण किए हैं। किंतु यहां के लिए नए बिल्कुल नहीं हैं। पूर्व में भी यहां सब इंस्पेक्टर के रूप में तैनाती रही मेरी तैनाती रही है।पुलिस सर्किल के इलाके से भली भांति परिचित हूं।जो जनता में पुलिस के प्रति आपसी विश्वास एवं सुशासन के प्रति एक कड़ी के रूप में सामने होगा कोई चुनौती नहीं है। बात प्राथमिकता कि करें तो जनता में कानून के राज का अनुभव कराने के साथ ही थाने तक आए प्रत्येक फरियादी को त्वरित एवं न्याय पूर्ण पुलिस कार्यवाही सुलभ कराना ही मेरी प्राथमिकता में शामिल रहेगी।

प्रश्न:
पूर्व में उत्तर प्रदेश के रामपुर बुजुर्ग पुलिस चेकपोस्ट से प्रायः मैरवा थाना के पुलिस चौकी धरनी छापर को तस्कर पार कर जाते रहे हैं क्या कहेंगे???

उत्तर:
देखिए पूर्व में मझौली मोड़ पर गाय/पशुओं से भरे दो ट्रक मैरवा पुलिस सीमा क्षेत्र में पकड़े गए रहे हैं। जो कि उत्तर प्रदेश सीमा पार से आए थे। मैरवा पुलिस द्वारा उसे बरामद कर लिया गया रहा है।

प्रश्न:
पूर्व में जिन पशु तस्करों को मझौली मोड़ से स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार किया गया उन्हें धरनी छापर चेक पोस्ट से गिरफ्तार होने चाहिए थे जो ऐसा हुआ नहीं ???

उत्तर:
देखिए हमारे सब इंस्पेक्टर की ड्यूटी निरंतर तीन शिफ्ट में चेक पोस्ट पर रहती है यदि पूर्व में कहीं चूक रही होगी तो चुस्त दुरुस्त एवं बेहतर पुलिसिंग व्यवस्था पर जोर दिया जाएगा साथ ही उत्तर प्रदेश सीमा पर ही गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।

प्रश्न:
क्या जनता से आप कुछ अपील/कुछ कहना चाहेंगे ???

उत्तर:
सभी पत्रकार एवं जनता से हम स्थानीय पुलिस के तरफ से यह अपेक्षा करते हैं ।पुलिस जनता के लिए है। और पत्रकार एवं जनता हमारा सहयोग करे। ताकि हम एवं हमारी पुलिस जनहित में सदैव तत्पर रह कर जनता को निरंतर सहयोग कर सकें।

प्रश्न:
सबसे अहम व आखिरी सवाल आप अपने व्यवहार में विभागीय एवं फरियादी जन से एक अभिभावक के भांति कार्य व्यवहार करते किसी कुशल शिक्षक की भांति कार्य व्यवहार में पाए जा रहे हैं। कहीं ऐसा तो नहीं कि आप की मानवीयता कभी कठोर निर्णय लेने में बाधक बनी रही हो????

उत्तर:
देखिए हम मानवीयता में विश्वाश रखने वाले व्यक्ति हैं हर किसी में होनी आवश्यक भी है। जो हम भी प्रयास रखते हैं। मानवीयता के आधार पर ही हमसे सुलभ त्वरित एवं न्याय पूर्ण कार्यवाही सदा जनता को मिले। रही बात कठोर निर्णय की तो हमें अपने पद दायित्व के अनुरूप विधि विरुद्ध काम करने वाले लोगों के साथ कठोर निर्णय लेने होते हैं जिसमें हमें कभी कोई कठिनाई अभी तक महसूस नहीं हुई है।

rkpnews@desk

Recent Posts

विहिप गोरख प्रांत की बैठक में कर्तव्यों को नया स्वरूप दिया गया, रोडमैप की रूपरेखा तैयार

गोरखपुर गोरक्ष प्रांत योजना बैठक—कार्ययोजना 2026 यह बैठक विश्व हिंदू परिषद, गोरक्ष प्रांत, गोरखपुर, योजना…

2 weeks ago

बीबीएयू में बेटियों के लिए एनसीसी का बिगुल, 30 अगस्त तक मौका

नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की राह पर कदम बढ़ाएंगी छात्राएं, 19 से 22 वर्ष आयु वर्ग…

2 weeks ago

सेंट्रल बैंक के स्थापना दिवस पर आरसेटी देवरिया में हुआ भव्य पौधरोपण, “एक पेड़ माँ के नाम” का दिया संदेश

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के स्थापना दिवस के अवसर पर ग्रामीण…

2 weeks ago

शहीद शिवराज सोनार की याद में रक्तदान का महाअभियान, एसपी ने की पहल की सराहना

अनूप तिवारी देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। अमर शहीद शिवराज उर्फ सोना सोनार के 84वें शहादत…

2 weeks ago

काकोरी ट्रेन एक्शन: पटरियों पर गूंजी वह हुंकार, जिसने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी

सरदार भगत सिंह ने ‘किरती’ में लिखी वीरों की गाथा काकोरी ट्रेन एक्शन केवल सरकारी…

3 weeks ago

सतत कृषि ही भविष्य की समृद्धि का आधार: भुवनेश्वर नाथ पांडेय

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कृषि संकाय में शुक्रवार को "सतत कृषि…

3 weeks ago