एस डी डी एस एकेडमी के प्रांगण मे स्वामी विवेकानंद जयंती पर हुई काव्य गोष्ठी

बनकटा/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
स्वामी विवेकानंद के जयंती के सु–अवसर पर सांध्य पहर को एस डी डी एस एकेडमी श्रीरामपुर प्रांगण मे क्षेत्र के सम्मानित जन/लोग व शिक्षक, शिक्षिका,समाजसेवी,पत्रकार, चिकित्सक, कवि एवं स्थानीय छात्र/छात्रा के मौजूदगी में हुई इस आयोजन को विद्यालय के प्रबंधक/पत्रकार/डाक्टर दिलीप कुमार द्वारा आयोजित किया गया।
मिली जानकारी के अनुसार इस काव्य गोष्ठी व कार्यक्रम के आयोजक एस डी डी एस एकेडमी के डायरेक्टर/पत्रकार, एवं राजनंदनी हेल्थ केयर हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ दिलीप कुमार ने सर्व प्रथम स्वामी विवेकानंद जी के तस्वीर पर पुष्पगुच्छ समर्पित कर
दूर दराज से आए हुए कवि, चिकित्सक, पत्रकार बंधुओ को माल्यार्पण कर सर्व प्रथम स्वागत अभिनंदन किया, जिसके बाद आए अतिथियों के द्वारा भी स्वामी विवेकानंद जी के तस्वीर पर पुस्प अर्पित कर अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित की गई।
जिसके पश्चात कार्य क्रम की अध्यक्षता का कार्य कर रहे कवि/शायर मकसुद अहमद भोपत पुरी द्वारा खुद की एक रचना- जीवन अपना समर्पित करके दिया सबको आनंद, अमर रहेंगे सदा दुनिया मे स्वामी विवेकानंद –की शुरुआत किया कहा कि विवेकानंद सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व करने के लिए अमेरिका के शिकागो तक गए और वहां आयोजित हुए विश्व धर्म सम्मेलन में निज देश भारत का आपने डंका वहां भी बजाया, और सदा के लिए सनातन धर्म का झण्डा बुलन्द कर दिया।साथ में ही स्वामी विवेकानन्द जी ने जाती धर्म में बंटने के बजाए राष्ट्र हित को प्रमुखता दिया था।और जाति आधारित विभाजन से लोगो को दूरी बना कर राष्ट्र को मजबूत करने को कहा तथा उन्होंने वेदांत दर्शन का प्रचार /प्रसार पुरे विश्व में किया, वहीं कार्यक्रम के आयोजक एस डी डी एस एकेडमी के डायरेक्टर/पत्रकार, एवं राजनंदनी हेल्थ केयर हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ दिलीप कुमार ने कड़ाके के ठंढक में दूर दराज से इस कार्यक्रम में आये हुए कवि, चिकित्सक, समाज सेवी छात्र-छात्रा बुद्धिजीवी आमजन सहित समस्त आगतों के प्रति आभार प्रकट करते हुए अपनी बात रखनी शुरू कि एवं स्वामी जी के द्वारा बताये गये कुछ महत्वपूर्ण बातें लोगो के बीच मे उजागर किया। डॉ कुमार ने बताया की स्वामी विवेकानंद जी हम सभी के बीच आज भी करोड़ों युवाओं के प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं, उनके विचार सदा के लिए अमर हैं वे एक सच्चे देश भक्त, राष्ट्र प्रेमी थे जो लोगो की मदद करने से भी कभी पीछे नही हटते थे l उनके अनमोल विचारो से इंसान काफी कुछ सीख सकता है, उनके दिए विचार दर्शन में मानव जीवन जीने की कला के साथ ही कामयाब होने के सूत्र भी छिपे हैं, डॉ कुमार ने बताया स्वामी जी ने ही कहा था कि दिल और दिमाग के टकराव में से हमेशा ही अपने दिल की बात को सुननी चाहिएl
उनका कहना था संघर्ष जितना बड़ा होगा जीत भी उतनी ही शानदार एवं स्थिर होगी l
उनका कहना था ।
उठो जागो और तब तक नही रुको, जब तक तुम अपना लक्ष्य हासिल नही कर लेते हो l
साथ ही कहा जीवन में ज्यादा रिश्ते होना जरूरी नहीं है, बल्कि जो रिश्ते है उनमे जीवन होना जरूरी है l
एसडीडीएस एकडेमी की प्रिंसिपल डॉ सरोज बरनवाल ने कहा की स्वामी विवेकानंद जी का जन्म 12/01/1863 ई० को कलकत्ता मे हुआ था l उनका बचपन का नाम नरेंद्रनाथ दत्त था, स्वामी विवेकानंद नाम उनके गुरु रामकृष्ण परमहंस ने दिया था l वे 25 वर्ष की उम्र में ही सन्यास ले लिए थे उनकी माँ संत विचारधारा की थी व उनके पिता जी कलकता उच्च न्यायालय मे एक वकील थे लोगो की सेवा को वे ईश्वर की पूजा मानते थे l
गोष्ठी मे आए कवि मकसुदन द्विवेदी ने अपनी अनेकों स्वरचित एवं सुंदर–सुंदर कविताएं सुनाकर लोगों का दिल जीत लिया, मनोज भारती पत्रकार ने स्वामी जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वामी जी कहे थे की कभी भी अपने को कमजोर न समझो क्योकि ये सबसे बड़ा पाप है, स्वामी जी ने कहा है की जिस समय जिस काम का संकल्प करो, उस काम को उसी समय पुरा करो, वरना लोग आप पर विश्वास नहीं करेगे l
गोष्ठी मे डॉ रंगीला हिंदुस्तानी ने ठंढ पे कविता सुनाकर लोगो का मन मोह लिया डॉ वेद प्रकाश तिवारी ने स्वामी जी के जीवन पे प्रकाश डाला व एक दीप तुम जलावो एक दीप हम जलाये कविता सुनाकर लोगों की वाहवाही लूटी, वही सायर जियाउलाह अंसारी ने अपनी रचना -तु शान है भारत की तेरी मस्ती फकिराना , तु ज्ञान का दीपक है संसार है परवाना पेश कर वाहवाही बटोरी l कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर रविंद्र यादव ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने ढोग् व पाखंड का खुलकर विरोध करते हुए सर्व धर्म सम भाव, आपसी एकता, अखंडता व सनातन धर्म संस्कृति के लिए अजीवन कार्य किया और निरन्तर राष्ट्र हित में लगे रहे, वहीं ई० प्रमोद चौधरी ने शानदार गजल पेश किया, गोष्ठी मे मुख्य रूप से उपप्रधानाचार्य विवेक ठाकुर, सुशील सिंह, अमानत अंसारी, सोनामती कुशवाहा, सुषमा राय, नितु कुशवाहा, मनीषा यादव, नंदनी पांडेय, सुषमा भारती, राहुल कुशवाहा, पंकज ठाकुर आदि मौजूद रहे l

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