(राष्ट्र की परम्परा)।
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल के साथ उनके नक्षत्र परिवर्तन को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी क्रम में मंगल देव वर्तमान में पुनर्वसु नक्षत्र में स्थित हैं। 24 सितंबर 2026 को मंगल पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और 17 अक्टूबर 2026 तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मंगल के इस नक्षत्र परिवर्तन का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग रूप में पड़ सकता है।
मंगल को ऊर्जा, साहस, पराक्रम, भूमि, संपत्ति और कार्यक्षमता से जुड़ा ग्रह माना जाता है। ऐसे में इसके नक्षत्र परिवर्तन की अवधि में कुछ राशि के जातकों को करियर, कारोबार और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिस्थितियां बनने की संभावना बताई जा रही है। आइए जानते हैं किन राशियों के लिए यह अवधि महत्वपूर्ण रह सकती है।
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए मंगल का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश कई मामलों में उत्साह बढ़ाने वाला रह सकता है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत मिल सकते हैं और लंबे समय से अटके कार्यों में गति आने की संभावना है। कारोबार करने वालों को नए अवसर मिल सकते हैं। नौकरी की तलाश कर रहे जातकों को अच्छी सूचना मिल सकती है। कार्यक्षेत्र में सक्रियता बढ़ने के साथ मानसिक दबाव भी कम होने की उम्मीद है।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए यह नक्षत्र परिवर्तन करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और आमदनी के स्तर में सुधार के अवसर बन सकते हैं। नौकरी बदलने की तैयारी कर रहे लोगों को बेहतर विकल्प मिल सकता है। कारोबारियों को नए प्रोजेक्ट या व्यवसाय से जुड़े काम शुरू करने का अवसर मिल सकता है। विद्यार्थियों के लिए भी मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना जताई जा रही है।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए मंगल का यह नक्षत्र परिवर्तन करियर में आगे बढ़ने के नए रास्ते खोल सकता है। नौकरी में बदलाव की योजना बना रहे लोगों को अवसर मिल सकते हैं। अचानक धन लाभ के योग बनने की संभावना है। किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता मिलने से आत्मविश्वास बढ़ सकता है। व्यापार के क्षेत्र में भी परिस्थितियां अनुकूल रहने की उम्मीद है। पारिवारिक और वैवाहिक जीवन में सुखद माहौल बनाए रखने के अवसर मिल सकते हैं।
धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए मंगल का पुष्य नक्षत्र में गोचर आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रह सकता है। आय के नए स्रोत बनने तथा आर्थिक लाभ के अवसर मिलने की संभावना है। लंबे समय से रुके कार्यों को पूरा करने में सफलता मिल सकती है। निवेश से जुड़े मामलों में लाभ की उम्मीद जताई जा रही है, हालांकि कोई भी आर्थिक निर्णय सोच-समझकर लेना उचित रहेगा। कानूनी मामलों में राहत मिलने और परिस्थितियों के अनुकूल होने की संभावना भी बताई गई है।
क्या कहते हैं ज्योतिषीय संकेत?
24 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक मंगल का पुष्य नक्षत्र में रहना ज्योतिषीय दृष्टि से एक महत्वपूर्ण अवधि मानी जा रही है। मेष, सिंह, कन्या और धनु राशि के जातकों के लिए इस दौरान करियर, आर्थिक स्थिति, कारोबार और लंबित कार्यों से जुड़े सकारात्मक संकेत बताए गए हैं। हालांकि वास्तविक परिणाम व्यक्ति की जन्मकुंडली, दशा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर निर्भर कर सकते हैं।
पंडित सुधीर तिवारी (अंतिम बाबा)
डिस्क्लेमर: यह विवरण ज्योतिषीय एवं धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। राष्ट्र की परम्परा इसकी पुष्टि नहीं करता।
60-70 बनाम 105 सीटों की चर्चा के बीच बड़ा सवाल, क्या यूपी में अलग राह…
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। केंद्रीय मंत्रिपरिषद की दो दिवसीय चिंतन बैठक बुधवार, 23…
36 राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों की संयुक्त रणनीति से तस्करी, कार्टेल, सिंथेटिक ड्रग्स, गुप्त प्रयोगशालाओं और डिजिटल…
TRAI का बड़ा फैसला: सिर्फ कॉल और SMS करने वालों को मिलेंगे ज्यादा रिचार्ज विकल्प…
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल…
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। बरहज विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी चिंतक, लेखक और पूर्व सांसद स्वर्गीय…