मुंबई (राष्ट्र की परम्परा)
उद्योग जगत में भारत का कोहिनूर टाटा समूह के प्रमुख पद्म विभूषण रतन टाटा के निधन से पूरे देश के औद्योगिक सामाजिक क्षेत्र की बड़ी क्षति हुई है। रतन टाटा एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक सोच थे जिसने देशवासियों को उद्योग के क्षेत्र में प्रेरित किया ।
दुनिया को जीतने वाले रतन टाटा एक सरल इंसान और उच्च विचारों वाले सम्मानित व्यक्तित्व थे। वह एक परोपकारी व्यक्ति थे। ऐसे शब्दों में केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने दिवंगत रतन टाटा को भावभीनी श्रद्धांजलि दी है।
पद्म विभूषण रतन टाटा की उपलब्धियां उद्योग जगत में हिमालय जितनी ऊंची हैं। दुनिया में रतन टाटा ने उद्योग के क्षेत्र में अपने देश का नाम रोशन किया है। वह उद्योग के क्षेत्र में बहुत सफल रहे हैं। उन्होंने अपनी आय का 65 प्रतिशत हिस्सा लगातार देश के गरीब लोगों के कल्याण के लिए दान किया। जीवन भर परोपकार की भावना कायम रखने वाले रतन टाटा वास्तव में गरीबों के मसीहा थे। मुंबई के परेल में टाटा अस्पताल कैंसर रोगियों के लिए एक वरदान बन गया है जो देश भर के गरीब रोगियों को जीवन प्रदान करता है उद्योग क्षेत्र के साथ-साथ देश और समाज के लिए रतन टाटा का योगदान अतुलनीय है।
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