बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर विकास क्षेत्र बरहज के प्राथमिक विद्यालय बड़सरा में मर्जर व्यवस्था के खिलाफ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम प्रधान, विद्यालय के छात्र-छात्राओं के अभिभावक एवं शिक्षक संघ के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए ग्राम प्रधान ने मर्जर व्यवस्था को गरीबों के साथ अन्याय करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार यदि विद्यालयों में पांच शिक्षक, पर्याप्त कमरे, बैठने के लिए डेस्क-बेंच और अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था कर देती तो ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे प्राइवेट स्कूलों की ओर नहीं भागते। उन्होंने कहा कि संसाधनों के अभाव में ही सरकारी विद्यालयों की छवि खराब हुई है और अब सरकार अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिए विद्यालयों का मर्जर कर रही है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष सुशील यादव ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि विद्यालयों का एकीकरण छोटे बच्चों के लिए कष्टकारी है। दो से ढाई किलोमीटर दूर तक स्कूल जाने की बाध्यता नन्हे बच्चों के लिए असुरक्षित एवं अनुचित है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी परिस्थिति में यदि कोई अनहोनी होती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
संघ के मंत्री आशुतोष शाह, जिला प्रचार मंत्री विक्रम प्रताप राव, कोषाध्यक्ष विजय खरवार, आदित्य नारायण गुप्ता, मनोज कुमार, विनीत कुमार पांडे सहित अन्य शिक्षकों और अभिभावकों ने भी सरकार की इस नीति की कड़ी आलोचना की।
बैठक में अभिभावकों ने आरोप लगाया कि सरकार गरीबों के बच्चों को शिक्षा से वंचित करना चाहती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार सभी बच्चों का मौलिक अधिकार है, और मर्जर की यह प्रक्रिया उस अधिकार का हनन है।
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