नीट छात्रा मौत मामला: पटना में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, महिला कार्यकर्ताओं ने गृह मंत्री सम्राट चौधरी को ठहराया जिम्मेदार


पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) में नीट की तैयारी कर रही छात्रा के साथ दरिंदगी और संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले ने बिहार की राजनीति को गरमा दिया है। इसी कड़ी में आज कांग्रेस ने पटना के इनकम टैक्स चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान माहौल उस वक्त और तीखा हो गया, जब कांग्रेस की एक महिला कार्यकर्ता हाथों में चूड़ियां लेकर गृह मंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा हमला करती नजर आईं।
महिला कार्यकर्ता ने कहा कि चूड़ियां महिलाओं की शक्ति का प्रतीक हैं और सृष्टि रचने का आधार हैं। शंभू गर्ल्स हॉस्टल में जो कुछ हुआ, उसके लिए केवल एक ही व्यक्ति जिम्मेदार है और वह हैं गृह मंत्री सम्राट चौधरी। उन्होंने ऐलान किया कि ये चूड़ियां वे सम्राट चौधरी को देंगी, ताकि सरकार को महिलाओं की सुरक्षा का महत्व समझाया जा सके।

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कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस मामले में सरकार शुरू से ही लापरवाही बरत रही है। प्रदर्शन में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नेताओं ने सवाल उठाया कि आखिर इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई, एसआईटी का गठन देर से क्यों किया गया और जब तक सबूत नष्ट हो चुके थे, तब तक सरकार क्या करती रही।
प्रदर्शन के दौरान महिला नेता ने कहा कि महिला हो या पुरुष, अपराधी को सजा मिलनी चाहिए। बेटी की बेइज्जती किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मांग की कि मामले में स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को फांसी की सजा दी जाए।

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कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एफआईआर को दबाने की कोशिश की गई और जनता के दबाव के बाद ही सरकार हरकत में आई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल एसआईटी गठित कर सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। बिहार की जनता को सुरक्षा देना सरकार का कर्तव्य है और इसमें किसी भी तरह की कोताही स्वीकार्य नहीं है।

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विपक्ष के अन्य नेताओं ने भी इस मामले को लेकर सरकार को घेरा। राजद नेता रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि आरोपी अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं हुए। वहीं पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने डॉक्टर, हॉस्टल संचालक और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। कुल मिलाकर नीट छात्रा केस ने बिहार में कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।

Editor CP pandey

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