दीपक अपना परिचय स्वयं नहीं देता है :
——XXXXX——
मानव जीवन उँगली के निशान की
तरह होता है जो किसी भी दूसरे के
निशान से कभी नहीं मिल पाता है,
सबका अलग अलग स्वरूप होता है।

वही अद्भुत निशानी होगी जिसमें
प्रेम, स्नेह व सादगी के रूप होंगे,
समय का हर क्षण सदुपयोग होगा,
सारे स्वप्न सजीव व सार्थक होंगे।

सफल इंसान कभी अपनी सफलता
की कहीं भी कोई ढोल नहीं पीटता है,
उसका व्यक्तित्व उसकी सफलता,
व विकास को प्रायः सामने लाता है।

जिस प्रकार दीपक अपनी रोशनी का
परिचय स्वयं किसी को नहीं देता है,
पर उसका प्रकाश चारों ओर उजाला
फैलाकर दीपक का परिचय देता है।

गुरुजनों की छत्रछाया और छोटों
द्वारा मान सम्मान हमारी सनातन
संस्कृति व परम्परा के संस्कार हैं,
ये सुरक्षा कवच, कोई भार नहीं हैं।

समझदार इंसान जीवन के हर क्षण
को प्रेम से आनंद के साथ जीते हैं,
क्योंकि जीवन के बीते हुये ये पल
फिर कभी भी वापस नहीं मिलते हैं।

आदित्य स्पष्ट, सीधी बात कहता हूँ,
भले ही मेरे शब्द कटु व स्वर तेज हों,
यही मेरा स्वभाव है और आदत भी कि
अपने हृदय में नहीं कुछ रख पाता हूँ।

•कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’,
लखनऊ

rkpnews@desk

Recent Posts

शाने हिंद फोरम ने दो सदस्यीय विधायिका लागू करने की वकालत की

हर सदन विजेता के साथ-साथ उप विजेता को भी मिले अधिकार- डा, अवधेश सिंह देवरिया…

25 minutes ago

बिहार में दरिंदगी से दहला। मोतिहारी !

दुर्गा पूजा मेला देखने जा रहे दंपति को बनाया निशाना, महिला से सामूहिक दुष्कर्म; 8…

41 minutes ago

बरेली पुलिस में प्रेम प्रसंग का मामला गरमाया! शाही थाने के हेड कांस्टेबल और महिला सिपाही पर गिरी गाज

सांकेतिक फोटो बरेली में पुलिस महकमे में हड़कंप! शादीशुदा हेड कांस्टेबल और महिला सिपाही के…

51 minutes ago

71 हजार शिक्षकों ने मांगा मनपसंद स्कूल, 12 जिलों में फंसा काम; कब खुलेगा ट्रांसफर पोर्टल?

बिहार में 6 लाख शिक्षकों के तबादले पर फिर ब्रेक! 7 नवंबर से खुलेगा पोर्टल?…

2 hours ago