
वॉशिंगटन/नई दिल्ली(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने गुरुवार को भारत के खिलाफ कड़ी टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर रूस-यूक्रेन युद्ध को परोक्ष रूप से बढ़ावा देने का आरोप लगाया। नवारो ने कहा कि भारत द्वारा रियायती दरों पर रूसी तेल की खरीद मॉस्को को मजबूत कर रही है और वैश्विक स्थिरता के लिए खतरा बन रही है।
ब्लूमबर्ग टेलीविज़न के कार्यक्रम ‘बैलेंस ऑफ पावर’ में दिए गए साक्षात्कार में नवारो ने कहा कि “भारत व्यापार और ऊर्जा के क्षेत्र में दोहरा खेल खेल रहा है। नई दिल्ली के ये कदम वास्तव में ‘मोदी का युद्ध’ हैं।”
ट्रंप सरकार का कड़ा कदम नवारो की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर 50% टैरिफ लगाने का बड़ा फैसला लिया है। यह टैरिफ बुधवार से लागू हो चुका है, जिसे व्हाइट हाउस ने भारत द्वारा रूस से लगातार तेल खरीदने पर दंडात्मक कदम बताया है।
“शांति का रास्ता नई दिल्ली से” नवारो ने यह भी कहा कि रूस-यूक्रेन संघर्ष में भारत की भूमिका अहम है। उनके मुताबिक, “शांति का रास्ता कुछ हद तक नई दिल्ली से होकर जाता है।” उन्होंने आरोप लगाया कि भारत का झुकाव मॉस्को और बीजिंग की ओर बढ़ रहा है, जो वॉशिंगटन की रणनीति और विश्व शांति दोनों के लिए चुनौती है।
“अमेरिका को हो रहा आर्थिक नुकसान” नवारो ने दावा किया कि भारत की यह नीति अमेरिका को आर्थिक रूप से चोट पहुँचा रही है। उनके अनुसार, “रियायती तेल खरीदकर भारत रूस की मदद कर रहा है और हमें (अमेरिका को) यूक्रेन को वित्तपोषित करना पड़ रहा है। जबकि अमेरिकी जनता पहले से ही महंगाई और आर्थिक संकट झेल रही है।”
भारत पर बढ़ा दबाव अमेरिका की यह सख्ती और तीखी बयानबाज़ी ऐसे समय में सामने आई है जब भारत रूस के साथ ऊर्जा और व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वॉशिंगटन और नई दिल्ली के बीच संबंधों में खटास और गहर सकती है।