Monday, April 20, 2026
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गाड़ी चमकाने में गए भूल, मानव जीवन का मूल

गाड़ी धुलाई के नाम पर हो रहा भूजल दोहन दिन रात बर्बाद हो रहा है सैकड़ो लीटर पानी

सादुल्लानगर/बलरामपुर(राष्ट्र की परम्परा)।जल ही जीवन है। बूंद बूंद सागर बनता है। बिन पानी सब सून, सूक्तियां जगह-जगह सुनने व देखने को मिलती है। जल संरक्षण के लिए कवायदे भी बहुत हुई। लेकिन पानी का दोहन थामने का नाम नहीं ले रहा है।वजह पैसे की प्यास में पानी की बर्बादी बड़े पैमाने पर करने में लोग गुरेज नहीं कर रहे हैं गाडियो की धुलाई के नाम पर भूजल का दोहन किया जा रहा है।आमजन के जागरूक ना होने से जनजीवन खतरे में पड़ सकता है।सादुल्लानगर क्षेत्र के आसपास गाड़ी सर्विसिंग(धुलाई) के लिए गाड़ी लगभग दर्जनों प्लांट लगे हैं।बाइक धुलाई के लिए ₹40 व कार धोने के नाम पर ₹100 तक वसूल किया जाता हैं। भूगर्भ जल का दोहन करते हुए एक बाइक धुलने में करीब 80 लीटर पानी खर्च होता है।दिनों दिन वाहनों की संख्या व गाड़ियों की धुलाई के प्लांट बढ़ाने से भूजल का दोहन भी तेजी से बढ़ रहा है।इसी प्रकार कार की धुलाई में करीब 200 लीटर पानी खर्च होता है।दिनों दिन वाहनों की संख्या में इजाफा हो रहा है।साथ ही गाड़ियों की धुलाई के प्लांट बढ़ने से भूजल का दोहन भी तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में भूजल का दोहन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने को जिम्मेदार अफसर आगे नहीं आ रहे हैं।
उपजिलाधिकारी राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि जल दोहन कै खिलाफ अभियान चलाकर कर कारवाई की जाएगी ।।

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