गोरखपुर विश्वविद्यालय में मिशन शक्ति कार्यक्रम का आयोजन

‘देवी अहिल्या–शक्ति का प्रतीक’ पर नाट्य व सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के गणित एवं सांख्यिकी विभाग में भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “देवी अहिल्या – शक्ति का प्रतीक” रहा। इसका उद्देश्य छात्राओं एवं बच्चों में नारी सशक्तिकरण, सामाजिक चेतना तथा भारतीय इतिहास की महान महिला विभूतियों के योगदान को उजागर करना था।

कार्यक्रम के दौरान विभाग की छात्राओं एवं सरस्वती बालिका विद्यालय के बच्चों ने प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति, सामूहिक नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। “देवी अहिल्या – एक महान शासक” विषय पर आधारित नाटक में देवी अहिल्याबाई होलकर के शासनकाल में किए गए मंदिरों के जीर्णोद्धार, सामाजिक सुधार, न्यायप्रिय प्रशासन और जनकल्याणकारी कार्यों का जीवंत चित्रण प्रस्तुत किया गया। नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि संवेदनशील नेतृत्व और सुशासन समाज को नई दिशा प्रदान करता है।

इसके पश्चात स्त्री शक्ति थीम सांग पर आधारित सामूहिक नृत्य ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। वहीं बच्चों ने रानी अहिल्याबाई, रानी लक्ष्मीबाई, रानी अब्बका, दुर्गा भाभी, रानी पद्मिनी, रानी जीजाबाई और सावित्रीबाई फुले का वेश धारण कर उनके संघर्ष, साहस और ऐतिहासिक योगदान को मंच पर सजीव किया।

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कार्यक्रम की मुख्य वक्ता प्रो. कीर्ति पाण्डेय ने मिशन शक्ति को नारी शक्ति का सशक्त प्रतीक बताते हुए कहा कि जब-जब समाज संकट में रहा है, तब-तब नारी शक्ति ने नेतृत्व कर मार्गदर्शन किया है। उन्होंने छात्राओं से आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और जागरूक बनने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में नोडल अधिकारी प्रो. विनीता पाठक ने प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि मिशन शक्ति केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने वाला प्रभावी संदेश है।
स्वागत भाषण विभागाध्यक्ष प्रो. उमा श्रीवास्तव ने दिया। संचालन डॉ. राजेश पाण्डेय ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. जितेन्द्र कुशवाहा द्वारा प्रस्तुत किया गया।

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इस अवसर पर डॉ. त्रिलोकी नाथ, डॉ. जूली श्रीवास्तव, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. विवेक कुमार शर्मा, डॉ. जी.पी. सिंह, डॉ. विकास राना सहित अन्य विभागों के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का सफल समापन हुआ और इसे नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक सार्थक पहल बताया गया।

Karan Pandey

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