बड़ी संख्या में शामिल हुए भक्त
मुम्बई(राष्ट्र की परम्परा)
अंधेरी मरोल पाईप लाईन अय्यप्पा सेवा संघ धार्मिक संस्था की तरफ से अय्यप्पा मंदिर में 17 नोव्हेंबर से 28 नोव्हेंबर तक पूजा महा भंडारा ( अन्नदानम ) का कार्यक्रम किया गया। हमेशा की तरह इस बार भी भक्त गण बडी संख्या में, भगवान स्वामी शरणम अय्यप्पा के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया। आज बुधवार को पूजा का 12 वां दिन है। 28 नोव्हेंबर को अंतिम पूजा हुयी, सेवकों ने पूरी रात औऱ सुबह कड़ी मेहनत करके 12 दिनो तक हजारों लोगो के खाने के लिए हर दिन शाम को प्रसाद तैयार किये और अंतिम दिन रथ यात्रा भी निकाली गयी। यह कार्यक्रम लगातार 51 वर्षो से किया जा रहा है।अशोगन कृष्णन ने बताया की स्वामी अय्यप्पा भगवान शिव व विष्णू के पुत्र है, मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान जब भगवान विष्णू ने मोहिनी रूप धारण किया तब शिवजी उन पर मोहित हो गये जिसके प्रभाव से स्वामी अय्यप्पा का जन्म हुआ, इसीलिए स्वामी अय्यप्पा को हरिहरन के नाम से पुकारा जाता है।
इस आयोजन में अय्यप्पा सेवा संघ के महासचिव रवींद्र एस राऊत ,सलाहकार शशीधरन ,सोमन नायर ,रविकर राव ,मोहन नायर ,करुणा करन,तंबन ,एमवाई नौशाद ,बिपु शशीधरन ,सुरेश नारायण कुट्टी,रवी गोपाल, पी.बी नायर ,गोपी के,विनोद कुमार,हरी कुमार,सुधीर गोपाल,आशा सुधीर,सिंधू आर,सहजा मोहन, की अहम भूमिका रहती है और कमेटी के सभी सदस्य पूरी लगन से कार्य करते हैं और भगवान अयप्पा की सेवा करते हैं।
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