सूर्यकुण्ड सरोवर पर मां गंगा आरती संपन्न

सूर्यकुण्ड धाम पर हरिद्वार, काशी के तर्ज पर 357वी गंगा आरती


गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा) । शहर की पौराणिक धर्मस्थली कहे जाने वाले सूर्यकुण् धाम सरोवर पूरी तरह से साफ सुथरा नजर आ रहा था। यह संभव हुआ सूर्यकुण्ड धाम जीर्णोद्धार समिति के अथक प्रयासों से। यह बातें मुख्य सेवा अधिकारी नन्द बाबा मथुरा के श्रद्धेय रमेश चन्द्र गोस्वामी जी ने सूर्यकुण्ड धाम सरोवर पर महाआरती के दौरान कही। उन्होंने कहा कि हरिद्वार, काशी के तर्ज पर सूर्यकुण्ड धाम पर की जाने वाली गंगा आरती बहुत ही हर्ष की बात है। वे मुख्य अतिथि के रूप में गंगा आरती में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि निरंतर आरती-कीर्तन से सनातन धर्म को बड़ावा मिलता है। इस गुरुवारिया आरती में श्रद्धालुओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। सर्व प्रथम मुख्य मंदिर में भगवान लक्ष्मी नारायण की पूरे विधि विधान से पूजा- अर्चना किया गया। उसके बाद शुरू हुआ मां गंगा की पावन आरती।

इस बीच जयघोष गूंज रहे थे। माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो उठा। कार्यक्रम का शुभारंभ भोलेनाथ, हनुमान जी, भगवान गणेश की भी आरती-पूजन किया गया। इस दौरान घंट घड़ियाल गूंज रहे थे। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर अपनी आस्था व श्रद्धा निवेदित की।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि मदन मोहन मालवीय विश्व विद्यालय के उप कुलसचिव डॉ देवेंद्र गोस्वामी जी ने बताया कि नदियां और सरोवर हमारी जीवन रेखा है और इनकी पवित्रता स्वच्छता बनाए रखना प्रत्येक हिंदू का धर्म है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार काशी के तर्ज पर गोरखपुर में शुरू की गई महाआरती अत्यंत प्रशंसनीय है। समिति का प्रत्येक स्वयंसेवक बधाई का पात्र है जो विगत वर्षों से निरंतर ऐसे आयोजन कर रही है। आरती का आयोजन निरंतर जारी रहना चाहिए। आरती में शामिल हुए श्रद्धालुओं की भक्ति को देख कर मन प्रफुल्लित हो उठा। यह आरती धाम, सरोवर की साफ सफाई के प्रति लोगों को जागरूक करने में सहायक साबित हो रही है।
समिति के सचिव शीतल कुमार मिश्र ने कहा कि इन नदियों और सरोवरों का धार्मिक रूप से जितना महत्व है उतना ही महत्वपूर्ण यह जीवन के लिए है। उन्होंने कहा कि सूर्यकुण्ड धाम हमारी पौराणिक विरासत है और यह सरोवर महाभारत काल का है यह सरोवर साफ-सुथरा और पवित्र रहे इसकी जिम्मेदारी हम सभी की है। समिति द्वारा शुरू किए गए सरोवर की साफ सफाई अभियान, सांस्कृतिक, सेवा कार्य एवं महाआरती का आयोजन हमारे मुख्यमंत्री परम पूज्य महंत योगी आदित्यनाथ जी के दिशा निर्देश पर शुरू की गई जो आज भी निरंतर जारी है उन्होंने कहा क्षेत्रों के लोगों का भी दायित्व बनता है इस पुनीत कार्य में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें ताकि इस पुनीत कार्य की गति रुकने ना पाए।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से समिति के अध्यक्ष अमरदीप गुप्ता, सचिव शीतल कुमार मिश्रा, अजीत जैन, संजीव तिवारी, सिद्धि गुप्ता, संध्या, कुमकुम, लाली, राधा, सुहानी, रिमझिम, अविनाश गौड़, दिव्य प्रताप सिंह, आँचल साहनी, निशा साहनी, सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

rkpNavneet Mishra

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