इक पल हक़ में हो होता है तेरे,
इक पल ख़िलाफ़ हो जाता है,
जीवन पल दो पल का खेला है,
दुनिया आते जाते का मेला है।
हक़ में हो तो ग़ुरूर मत करना,
ख़िलाफ़ हो तो बस सब्र करना,
जीवन सुख दुःख का इक रेला है,
लाद लिया इस गठरी का ठेला है।
दुनिया में एक आसान काम है,
आपस का विश्वास गवाँ देना,
पर कठिन काम है विश्वास पाना,
बड़ा कठिन है विश्वास बना रहना।
जब कभी अकेले हो जाना,
सोच शक्ति को स्थिर रखना,
जब कुछ लोगों का जमघट हो,
अपनी वाणी को संयत रखना।
गलती से कभी क्रोध आ जाये,
मस्तिष्क सदैव शान्त रखना,
लोगों के साथ सामूहिक रूप से,
खुद को व्यवहार कुशल रखना।
जब कभी मुसीबत सामने आ जाये,
भावनाओं को अपने वश में रखना,
ईश्वर की कृपा कभी जब बरसेगी,
खुद के अहंकार को वश में रखना।
यह सारी मर्यादाएँ जीवन की,
जीवन जीने की दिग्दर्शक हैं,
आदित्य ध्यान में जो रखता है,
उसका जीवन सुगम सरल है ।
कर्नल आदि शंकर मिश्र’आदित्य’
त्रिवेणी शुगर मिल रामकोला के कारखाना प्रबंधक मानवेंद्र राय ने किया शुभारंभ गोरखपुर(राष्ट्र क़ी परम्परा)त्योहारों…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। थानों में लंबित माल के निस्तारण को लेकर महराजगंज पुलिस ने…
बिछुआ/मप्र (राष्ट्र की परम्परा)। शासकीय महाविद्यालय बिछुआ में स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के तत्वावधान…
आज से लौटे ड्यूटी पर स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर कर्मचारियों की मांग पूरी करने का…
प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त रखने और विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश गोरखपुर(राष्ट्र…
शिकायतों के त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण के दिए निर्देश शाहजहांपुर(राष्ट्र क़ी परम्परा)तहसील कलान में शनिवार…