बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। मिहींपुरवा-कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के ककरहा रेंज अंतर्गत महबूब नगर गांव में मंगलवार सुबह एक हिंसक जंगली जानवर के हमले में ग्रामीण की मौत हो गई। घर के बरामदे में सो रहे करीब 30 वर्षीय राम सिंह को किसी जंगली जानवर ने हमला कर चारपाई से उठाकर घर के पीछे स्थित झाड़ियों में ले गया। तलाश के दौरान परिजनों और ग्रामीणों को झाड़ियों में राम सिंह का क्षत-विक्षत शव मिला, जिससे गांव में दहशत और आक्रोश फैल गया।
परिजनों के अनुसार, राम सिंह पुत्र मालती प्रसाद मंगलवार की भोर करीब तीन बजे घर के बरामदे में सो रहे थे। इसी दौरान किसी हिंसक जंगली जानवर ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें चारपाई से उठाकर घर के पीछे स्थित झाड़ियों में ले गया।
घटना की जानकारी होने पर परिवार के लोग और ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर उनकी तलाश में जुट गए। कुछ देर बाद घर के पीछे झाड़ियों में उनका शव मिलने से परिवार में कोहराम मच गया।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और मोतीपुर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। वन कर्मियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, जहां घर के आंगन में जंगली जानवर के पदचिह्न मिलने की बात कही गई है।
बताया जा रहा है कि घटना स्थल जंगल से लगभग 600 मीटर की दूरी पर स्थित है। ग्रामीणों के अनुसार, इससे पहले भी मृतक के भाई पेशकार पर खेत में एक तेंदुए ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया था।
घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा वन विभाग के प्रति फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और वन विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ नारेबाजी की।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के आसपास लंबे समय से हिंसक जंगली जानवरों की मौजूदगी बनी हुई है और लोगों में लगातार भय का माहौल है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में प्रभावी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से इस तरह की घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है।
ग्रामीणों ने हिंसक जानवर की तत्काल पहचान करने और उसे पकड़ने की मांग की है। साथ ही गांव और आसपास के इलाकों में पिंजरा लगाने, नियमित गश्त कराने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने की मांग की गई।
वन विभाग की ओर से जंगली जानवर की प्रजाति को लेकर जांच की जा रही है। विभाग के अनुसार, पदचिह्न और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों के आधार पर वास्तविक प्रजाति की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जा सकेगी।
ग्रामीणों ने तेंदुए की आशंका पर भी अपनी अलग राय रखी है और कहा है कि हमलावर जानवर की सही पहचान होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
कतर्नियाघाट के डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतक के परिवार के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में पूर्व में भी तेंदुओं को पकड़ने के लिए कार्रवाई की गई है और लगातार पिंजरे लगाए जा रहे हैं।
डीएफओ ने कहा कि नियमानुसार मिलने वाला मुआवजा मृतक के परिजनों को उपलब्ध कराया जाएगा। बरसात के मौसम में जंगली जानवर जंगलों से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ जाते हैं, जिससे इस प्रकार की घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
उन्होंने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए बताया कि घटनास्थल क्षेत्र में पिंजरा लगाने की कार्रवाई की जा रही है और वन विभाग की टीम को निगरानी के लिए क्षेत्र में तैनात कर दिया गया है।
घटना के बाद महबूब नगर और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों की मांग है कि हिंसक जानवर की जल्द पहचान कर उसे पकड़ा जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को भय से राहत मिल सके।
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