16 जनवरी का दिन भारतीय इतिहास और विश्व पटल पर इसलिए विशेष माना जाता है क्योंकि इस दिन अनेक ऐसे महान व्यक्तित्वों का जन्म हुआ, जिन्होंने खेल, कला, संगीत, चिकित्सा, विज्ञान, प्रशासन और आध्यात्म के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी। इन विभूतियों का जीवन संघर्ष, साधना और राष्ट्रहित में योगदान से भरा रहा है। आइए जानते हैं 16 जनवरी को जन्मे प्रमुख व्यक्तित्वों के बारे में विस्तार से।
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🔹 श्रीहरि नटराज (जन्म: 16 जनवरी 2001)
श्रीहरि नटराज भारत के उभरते हुए अंतरराष्ट्रीय तैराक हैं। उनका जन्म कर्नाटक राज्य के बेंगलुरु शहर में हुआ। बचपन से ही खेलों में रुचि रखने वाले श्रीहरि ने कम उम्र में ही तैराकी को अपना लक्ष्य बना लिया। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कई पदक जीते। कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन चैंपियनशिप जैसे बड़े मंचों पर उनका प्रदर्शन युवाओं के लिए प्रेरणा है। वे भारत में तैराकी जैसे खेल को लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं और देश के खेल भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं।
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🔹 वी. एस. संपत (जन्म: 16 जनवरी 1950)
वी. एस. संपत भारत के भूतपूर्व 18वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त थे। उनका जन्म तमिलनाडु राज्य में हुआ। एक कुशल प्रशासक के रूप में उन्होंने भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी प्रक्रिया—चुनाव—को पारदर्शी, निष्पक्ष और मजबूत बनाने में अहम योगदान दिया। उनके कार्यकाल में चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और साख और भी मजबूत हुई। उन्होंने तकनीकी सुधारों और सख्त निर्णयों के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की, जिससे भारत की चुनावी प्रणाली अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराही गई।
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🔹 कबीर बेदी (जन्म: 16 जनवरी 1946)
कबीर बेदी का जन्म पंजाब के लाहौर (तत्कालीन भारत) में हुआ। वे भारतीय सिनेमा के ऐसे अभिनेता हैं जिन्होंने भारत के साथ-साथ अमेरिका और इटली में भी अपनी पहचान बनाई। ‘संदोकान’ जैसी अंतरराष्ट्रीय टीवी सीरीज ने उन्हें विश्व प्रसिद्ध बनाया। भारतीय फिल्मों, हॉलीवुड और यूरोपीय सिनेमा में काम कर उन्होंने भारतीय प्रतिभा को वैश्विक मंच पर स्थापित किया। उनका जीवन भारतीय कला और संस्कृति की वैश्विक पहुंच का प्रतीक है।
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🔹 मुनीश्वर चन्द्र डावर (जन्म: 16 जनवरी 1946)
डॉ. मुनीश्वर चन्द्र डावर एक प्रतिष्ठित भारतीय चिकित्सक हैं। उनका जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ। उन्होंने अपना पूरा जीवन मानव सेवा को समर्पित कर दिया। गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए नि:स्वार्थ भाव से की गई चिकित्सा सेवाओं के लिए भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2023 में पद्म श्री सम्मान से नवाजा। चिकित्सा क्षेत्र में उनका योगदान समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।
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🔹 डॉ. सुभाष मुखोपाध्याय (जन्म: 16 जनवरी 1931)
डॉ. सुभाष मुखोपाध्याय का जन्म पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में हुआ। वे भारत के ‘प्रथम टेस्ट ट्यूब बेबी’ के जनक माने जाते हैं। सीमित संसाधनों और विरोधों के बावजूद उन्होंने चिकित्सा विज्ञान में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। उनका शोध भारतीय विज्ञान के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। आज भारत में आईवीएफ तकनीक का व्यापक विकास उन्हीं की नींव पर खड़ा है।
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🔹 कामिनी कौशल (जन्म: 16 जनवरी 1927)
कामिनी कौशल का जन्म लाहौर में हुआ। वे हिन्दी फिल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्री और बाद में टीवी कलाकार रहीं। उन्होंने सशक्त महिला किरदारों के माध्यम से भारतीय सिनेमा में एक अलग पहचान बनाई। अभिनय के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों पर उनकी सोच ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। वे भारतीय सिनेमा के स्वर्ण युग की महत्वपूर्ण कलाकार मानी जाती हैं।
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🔹 ओ. पी. नैय्यर (जन्म: 16 जनवरी 1926)
ओ. पी. नैय्यर का जन्म पंजाब में हुआ। वे हिन्दी सिनेमा के महान संगीतकार थे, जिन्होंने अपने अनोखे संगीत और ताल से फिल्मी गीतों को नई पहचान दी। बिना लता मंगेशकर के भी हिट संगीत देने वाले वे इकलौते संगीतकार माने जाते हैं। उनका संगीत आज भी सदाबहार है और भारतीय संगीत धरोहर का अहम हिस्सा है।
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🔹 गुरु हरराय साहिब (जन्म: 16 जनवरी 1630)
गुरु हरराय सिखों के सातवें गुरु थे। उनका जन्म पंजाब क्षेत्र में हुआ। उन्होंने करुणा, सेवा और प्रकृति प्रेम का संदेश दिया। वे आयुर्वेद और पर्यावरण संरक्षण के समर्थक थे। उनके नेतृत्व में सिख परंपरा ने मानवता, शांति और सेवा के मूल्यों को मजबूती दी। उनका योगदान केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और मानवीय भी रहा।
