लीज रद्द
लेह/लद्दाख।(राष्ट्र की परम्पराडेस्क) लद्दाख प्रशासन ने पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक के संस्थान को दी गई ज़मीन की लीज़ रद्द कर दी है। लेह की स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद (LAHDC) ने 2018 में वांगचुक के हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स लद्दाख (HIAL) को लेह ज़िले के फ्यांग गाँव में करीब 135 एकड़ ज़मीन 40 साल के लिए लीज़ पर दी थी।
21 अगस्त 2025 को लेह के डिप्टी कमिश्नर रोमिल सिंह डोंक ने एक आदेश जारी करते हुए इस भूमि आवंटन को रद्द कर दिया। परिषद ने रद्दीकरण का स्पष्ट कारण आदेश में सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन इस फैसले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज़ हो गई है।
सोनम वांगचुक पिछले कुछ वर्षों से लद्दाख की संवैधानिक सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की माँग को लेकर लगातार आंदोलनों का नेतृत्व कर रहे हैं। वर्ष 2024 में उन्होंने लेह से दिल्ली तक पैदल मार्च किया था और उसके बाद 21 दिन तक सिर्फ़ नमक और पानी पर भूख हड़ताल पर बैठे थे। हाल ही में वे कारगिल में आयोजित तीन दिवसीय भूख हड़ताल में भी शामिल हुए थे।
वांगचुक का कहना रहा है कि उनका संस्थान लद्दाख की युवा पीढ़ी को टिकाऊ विकास और स्थानीय संसाधनों पर आधारित शिक्षा देने के उद्देश्य से काम कर रहा है। अब प्रशासनिक आदेश के बाद HIAL परियोजना का भविष्य अनिश्चित हो गया है।
स्थानीय स्तर पर इस फैसले को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं। कई लोग इसे राजनीतिक दबाव का नतीजा बता रहे हैं, तो कुछ का मानना है कि प्रशासन ने लीज़ समझौते की शर्तों के पालन न होने पर यह कदम उठाया है।
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