मोतिहारी(राष्ट्र की परम्परा)
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी भारत माला सड़क योजना, जो चोरमा, ढाका से फुलवरिया घाट तक बनाई जा रही है, जिसके अंतर्गत ढाका प्रखंड के किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया गया है। परंतु, किसानों को दिए जा रहे मुआवजे से वे असंतुष्ट हैं, जिससे उनमें गहरा आक्रोश व्याप्त है। कई किसान आत्मदाह की चेतावनी भी दे रहे हैं, जो अत्यंत चिंता का विषय है। पत्रकार आरिफ हयात ने डीएम सौरभ जोरवाल को एक आवेदन पत्र दिया है। जिसमें कहा गया है कि किसानों की उचित मुआवजा नहीं दिए जाने से किसानों में आक्रोश व्याप्त हैं। इधर डीएम सौरभ जोरवाल ने विधि सम्मत कार्रवाई करने की बात कही है। करीब पांच सौ करोड़ के प्रोजेक्ट से 35 किमी सड़क का निर्माण होना है, लेकिन किसानों के आक्रोश के कारण कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। किसान नये दर से मुआवजा की मांग कर रहे है। विभाग का कहना है कि 2014 में एमभीआर रिवाइज हुआ, जिसके कारण उसी दर पर मुआवजा निर्धारित हुआ है। हर रैयत का अलग-अलग मांग है। कुल 27 मौजा है, जिसमें 24 मौजा का पंचार्ट निर्माण कर रैयतों को मुआवजा भुगतान के लिए नोटिश किया गया है, लेकिन किसान एलपीसी नहीं ला रहे है, जिसके कारण परेशानी हो रही है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार किसानों के भुगतान के लिए सरकार को राशि आवंटित कर दी गयी है। सड़क निर्माण पर करीब 393 करोड़ खर्च का प्रस्ताव है, जबकि भूमि अधिग्रहण के लिए 35 किमी क्षेत्र में 200 करोड़ का प्रावधान है। इधर किसानों का कहना है ऑफ लाइन व ऑनलाइन का पेंच फंसाकर अंचलाधिकारी व कर्मचारी द्वारा किसानों को परेशान किया जा रहा है।
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