बलिया (राष्ट्र की परम्परा)
जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय में हिन्दी विभाग द्वारा शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस का आयोजन किया गया। कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता के संरक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रो. संतोष कुमार सिंह, सुदृष्टि बाबा महाविद्यालय, रानीगंज, बैरिया ने ‘हिन्दी भाषा, साहित्य एवं सिनेमा का अंतरसंबंध’ विषय पर व्यक्तव्य दिया। कहा कि सिनेमा सर्वोत्कृष्ट कला माध्यम है, जिसमें विविध कलाओं का समुच्चय है, जिसमें अभिनय, संगीत, नृत्य, रंगकर्म, छायांकन आदि सभी विधाओं का समेकन होता है। सिनेमा में हिन्दी की महत्वपूर्ण कृतियों पर अनेक फिल्मों का निर्माण हुआ है। हिन्दी एवं अन्य भाषाओं की श्रेष्ठ कृतियों पर बनी फिल्मों की एक लम्बी शृंखला है। साहित्य से सिनेमा समृद्ध होता है। सिनेमा में बहुत से ऐसे गीतों को पिरोया गया है जो कि श्रेष्ठ साहित्य का दर्जा पाने के योग्य हैं। अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए शैक्षणिक निदेशक डॉ. पुष्पा मिश्रा ने कहा कि मातृभाषा बच्चों को संस्कार में प्राप्त होती है, जिसके प्रयोग से परिवार व समाज में संवाद स्थापित किया जाता है। बदलते दौर में इन्हें संरक्षित रखने की जरूरत है। विषय प्रवर्तन करते हुए हिन्दी विभाग के प्रभारी डाॅ. संदीप यादव ने कहा कि मातृभाषा बच्चों की समझ का विकास करती है, जिसके बाद बच्चे कई भाषाएँ भी सीख सकते हैं अतिथि स्वागत डाॅ. अभिषेक मिश्र तथा धन्यवाद ज्ञापन डाॅ. प्रवीण नाथ यादव ने किया। कुलसचिव एस. एल. पाल के साथ परिसर के सभी प्राध्यापक, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी रहे।कार्यक्रम का संचालन डाॅ. प्रमोद शंकर पाण्डेय ने किया
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