चेन्नई ( विशेष रिपोर्ट राष्ट्र की परम्परा डेस्क) चेन्नई। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने एक बार फिर देश की सुरक्षा एजेंसियों की रणनीतिक दक्षता और खुफिया क्षमताओं का लोहा मनवाया है। उन्होंने शुक्रवार को चेन्नई स्थित प्रतिष्ठित आईआईटी मद्रास के 62वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए, भारत द्वारा पाकिस्तान के भीतर गहराई तक घुसकर किए गए एक बेहद सटीक और सफल आतंकवाद-रोधी अभियान की जानकारी साझा की।
डोभाल ने अपने भाषण में बताया कि यह ऑपरेशन पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों तक ही सीमित नहीं था, बल्कि देश के अंदरूनी हिस्सों में स्थित नौ आतंकवादी ठिकानों को लक्ष्य बनाकर अंजाम दिया गया था। उन्होंने कहा, “हमने कोई भी निशाना नहीं छोड़ा। हमने इसके अलावा कहीं और निशाना नहीं लगाया। यह इतना सटीक था कि हमें पता था कि कौन कहाँ है।”
भारत की बढ़ती रणनीतिक आत्मनिर्भरता
एनएसए डोभाल ने इस ऑपरेशन को भारत की खुफिया जानकारी, तकनीकी क्षमता और सैन्य संचालन में सटीकता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि भारत अब केवल अपने रक्षा उपकरणों के लिए ही आत्मनिर्भर नहीं हो रहा, बल्कि रणनीतिक सोच और कार्यान्वयन में भी विश्वस्तरीय क्षमता प्राप्त कर चुका है।
उन्होंने देश के युवाओं को वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान के क्षेत्र में योगदान देने के लिए प्रेरित किया और विशेष रूप से रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीकों के विकास पर ज़ोर दिया। डोभाल ने आईआईटी मद्रास के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “आने वाला समय तकनीक आधारित सुरक्षा का है। हमें अपनी रक्षा प्रणाली में आत्मनिर्भर बनना होगा, जिससे भारत की संप्रभुता और सुरक्षा में कोई समझौता न हो।”
आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति
अपने वक्तव्य में डोभाल ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है और किसी भी प्रकार की धमकी का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि खुफिया एजेंसियों के पास अब इतनी मजबूत क्षमता है कि वे दुश्मनों की हर हरकत पर पैनी निगाह रखती हैं और ज़रूरत पड़ने पर सटीक कार्रवाई भी कर सकती हैं।
वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका
डोभाल ने कहा कि आज भारत न केवल अपनी सीमाओं की रक्षा कर रहा है, बल्कि एक वैश्विक शक्ति के रूप में भी उभर रहा है। उन्होंने युवाओं को न केवल रक्षा क्षेत्र में, बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर सुरक्षा और उन्नत प्रौद्योगिकियों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में भाग लेने का आह्वान किया।
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