दिवाली पर ज़ोहरान ममदानी का विवादित बयान: बहुलतावाद की बात करते हुए फिर निशाने पर आए प्रधानमंत्री मोदी
न्यूयॉर्क (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) की सियासत में इन दिनों भारतीय मूल के उम्मीदवार ज़ोहरान ममदानी सुर्खियों में हैं। दिवाली जैसे पवित्र पर्व के मौके पर जहां अधिकांश नेता हिंदू-अमेरिकी समुदाय को शुभकामनाएं देने में व्यस्त थे, वहीं ममदानी ने अपने संबोधन में एक बार फिर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना कर नई बहस छेड़ दी। उन्होंने कहा कि वे ऐसे भारत में पले-बढ़े हैं जहां बहुलवाद और सभी धर्मों का सम्मान जीवन का आधार था, जबकि वर्तमान नेतृत्व देश को “सीमित सोच वाले भारत” की ओर ले जा रहा है।
क्वींस क्षेत्र के कई मंदिरों में दिवाली दर्शन के दौरान ममदानी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि भारत की असली पहचान “विविधता और समावेश” में है। उन्होंने दोहराया कि उनकी आलोचना किसी धर्म या समुदाय की नहीं, बल्कि उस राजनीतिक दृष्टिकोण की है जो भारत को विभाजित करने की कोशिश करता है।
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उन्होंने हिंदू-अमेरिकी मतदाताओं से अपील की कि वे उनके विचारों से असहमति के बावजूद संवाद और सम्मान का रास्ता अपनाएं। “मैं न्यूयॉर्क का मेयर बनने की दौड़ में हूँ, जहाँ हर व्यक्ति की सुरक्षा और सम्मान मेरी प्राथमिकता है,” उन्होंने कहा।
हालांकि, ममदानी के इन बयानों ने फिर से विवाद को जन्म दिया है। पहले भी 2002 के गुजरात दंगों को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों ने उनके बयानों को तथ्यहीन बताया था। न्यूयॉर्क के कई हिंदू संगठनों ने भी इसे “हिंदू-विरोधी रुख” करार दिया।
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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मेयर चुनाव से ठीक पहले दिया गया यह बयान ममदानी के लिए दोधारी तलवार साबित हो सकता है — एक ओर उन्हें प्रगतिशील मतदाताओं का समर्थन मिल सकता है, वहीं भारतीय-अमेरिकी समुदाय में नाराज़गी भी गहरा सकती है।
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