दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी को रोका जाय- डॉ. सत्तार खान

मुम्बई(राष्ट्र की परम्परा) एक तरफ पूरे देश में लोकसभा चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है वहीं केंद्र सरकार द्वारा बड़ी संख्या में दवाइयों की कीमतों में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। एक ओर बढ़ती हुई महंगाई से आम आदमी की कमर पहले से ही टूट चुकी है वहीं दूसरी तरफ अब स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर सैकड़ों दवाइयों के दामों में वृद्धि होने पर आम आदमी की हालत बद से बदतर हो जायेगी। ऐसे में केंद्र सरकार दवाइयों की कीमतों में की गई बढ़ोत्तरी को जल्द से जल्द से वापस ले ऐसी मांग मुंबई कांग्रेस रोजगार स्वयं रोजगार विभाग के महासचिव डॉ सत्तार खान ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से की है।
ज्ञात हो कि लोकसभा चुनाव से पहले आम आदमी को महंगाई का झटका लगने वाला है। एंटीबायोटिक्स, दर्द निवारक और संक्रमण रोधी दवाओं सहित करीबन हजारों दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी होने वाली है। दवाओं के भाव में वृद्धि होने पर आम गरीब जनता की कमर टूट जायेगी। राष्ट्रीय औषधि प्राधिकरण ने कहा कि आवश्यक दवाओं की कीमतों में मामूली वृद्धि होगी। वहीं दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर आम आदमी में अभी से ही आक्रोश व्याप्त है। आठ सौ से ज्यादा दवाइयों की कीमतों में होने वाली बढ़ोतरी पर नाराजगी जताते हुए मुंबई कांग्रेस रोजगार और स्वयं रोजगार विभाग के महासचिव डा. सत्तार खान ने कहा कि, पैरासिटामल, एन जिथ्रोमायसीन , विटामिन, बीपी , शुगर,गैस और दर्द निवारक दवाएं घर घर में प्रति दिन उपयोग में लाई जाती हैं सरकार इन दवाइयों के दामों में वृद्धि पर रोक लगाए। डॉ. सत्तार खान की यह भी मांग है कि सरकार गंभीर बीमारियों विशेष रूप से कैंसर, किडनी, हार्ट की दवाइयों की कीमतों में वृद्धि न करे।

Editor CP pandey

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