Wednesday, June 10, 2026
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संसार मे यदि भवसागर पार होना है तो गुरु के शरणागत होना ही पड़ेगा : देवाचार्य माहाराज

पर्यावरण संरक्षण से ही मानवजीवन सुखमय बना रह सकता है : प्रभागीय वनाधिकारी

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा) । गुरुपूर्णिमा पावन के अवसर पर हनुमंत आश्रम नगरौर चितौरा परिसर में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीठाधीश्वर हनुमंत आश्रम स्वामी विष्णु देवाचार्य माहाराज ने कहा की सनातन काल से गुरु का महत्व मानव जीवन में सर्वाधिक पूजनीय रहा है गुरु हमे आदर्श जीवन की राह दिखाते हुए ब्रह्म तक पहुचने का रास्ता दिखाते हैं स्वामी ने कहा कि गुरु बिन भव निधि तरइ न कोई । जौ बिरंचि संकर सम होई ।
अर्थात इस संसार मे यदि भवसागर पार होना है तो गुरु के शरणागत होना ही पड़ेगा।आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रभागीय वनाधिकारी बहराइच संजय शर्मा ने कहा की पर्यावरण संरक्षण से ही मानवजीवन सुखमय बना रह सकता है ,इसके लिए आवश्यक है की खाली पड़े स्थानों में पंचवटी प्रजाति के वृक्षों का रोपण व संरक्षण अधिकाधिक संख्या में किया जाए। कार्यक्रम की अध्यक्षता विशेष न्यायाधीश अनिल त्रिपाठी ने किया।संचालन मालवीय मिशन अध्यक्ष बहराइच (अवध) संजीव श्रीवास्तव एडवोकेट ने किया।धन्यवाद ज्ञापन पर्यवारण विद पुण्डरीक पाण्डेय ने किया।आयोजित कार्यक्रम में मुख्य रूप से समाजसेवी डॉ० राधेश्याम गुप्ता , विवेक सक्सेना , पंडित विद्या भूषण त्रिपाठी , पंडित श्याम त्रिपाठी , सत्यम शुक्ल , राजीव त्रिपाठी , पारस नाथ गुप्ता , सहित सैंकड़ो ग्रामीणजन उपस्थित रहे।समापन अवसर पर हनुमंत आश्रम परिषर में प्रभागीय वनाधिकारी व उपस्थित समाजसेवियों ने पंचवटी प्रजाति के वृक्षों का रोपण कर रोपित वृक्षों के संरक्षण का सामुहिक संकल्प भी लिया।

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