जापान में इतिहास रचा: साने ताकाइची बनीं पहली महिला प्रधानमंत्री

दक्षिणपंथी गठबंधन के साथ नई राजनीतिक दिशा की शुरुआत

टोक्यो (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) जापान ने मंगलवार को अपने राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय लिखा जब संसद ने साने ताकाइची को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में चुना। 64 वर्षीय ताकाइची ने शिगेरु इशिबा की जगह ली है, जिन्होंने लगातार दो चुनावी पराजयों के बाद इस्तीफा दे दिया था।
यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब जापान की सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) ने दक्षिणपंथी विचारधारा वाली जापान इनोवेशन पार्टी (JIP) के साथ एक अप्रत्याशित गठबंधन कर राजनीतिक स्थिरता की नई उम्मीद जगाई है।

ये भी पढ़ें –अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया के बीच 8.5 अरब डॉलर का खनिज समझौता, जाने क्या है मकसद?

एलडीपी और JIP के बीच हुए इस समझौते के तुरंत बाद ताकाइची को प्रधानमंत्री चुना गया। यह गठबंधन न केवल जापान की सत्ता के समीकरण बदलने वाला साबित हुआ है, बल्कि इससे सरकार के और अधिक राष्ट्रवादी और सुरक्षा-केंद्रित होने के संकेत भी मिले हैं।
शिगेरु इशिबा के इस्तीफे के साथ पिछले तीन महीनों से जारी राजनीतिक गतिरोध समाप्त हो गया है, जिससे ताकाइची के लिए सत्ता का रास्ता खुल गया।
गठबंधन पर हस्ताक्षर करते हुए ताकाइची ने कहा “राजनीतिक स्थिरता इस समय जापान की सबसे बड़ी आवश्यकता है। बिना स्थिरता के न तो अर्थव्यवस्था मजबूत हो सकती है और न ही हमारी कूटनीति।”
एलडीपी और JIP का यह गठबंधन जापान की दशकों पुरानी राजनीतिक परंपराओं से अलग दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। इस समझौते ने एलडीपी और उसके लंबे समय के सहयोगी कोमेइतो पार्टी के बीच चली आ रही साझेदारी को भी समाप्त कर दिया। कोमेइतो का झुकाव अपेक्षाकृत शांतिवादी और मध्यमार्गी नीतियों की ओर था, लेकिन ताकाइची की पार्टी अब एक अधिक राष्ट्रवादी नीति को प्राथमिकता देती दिख रही है।

ये भी पढ़ें – हरकी पैड़ी पर 17 दिन बाद लौटी गंगा, श्रद्धालुओं ने सुबह-सवेरे लगाई आस्था की डुबकी
एलडीपी के भीतर ताकाइची को पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की करीबी सहयोगी माना जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वह आबे की नीतियों को आगे बढ़ाते हुए जापान की रक्षा क्षमता को सशक्त करेंगी, अर्थव्यवस्था को गति देने और संविधान में सेना की भूमिका को विस्तार देने की दिशा में काम करेंगी। हालांकि, संसद में सीमित बहुमत और घटते जन समर्थन के कारण उनकी राह आसान नहीं होगी।
अपनी विचारधारा के कारण ताकाइची लंबे समय से विवादों में रही हैं। उन्होंने समलैंगिक विवाह, महिला उत्तराधिकार, और अलग उपनामों के प्रयोग जैसे सामाजिक सुधारों का विरोध किया है। उनकी यह रूढ़िवादी सोच उन्हें जापान के पारंपरिक मतदाताओं के बीच लोकप्रिय बनाती है, लेकिन उदारवादी वर्ग में आलोचना का कारण भी।
एलडीपी और कोमेइतो के अलगाव की एक वजह पार्टी में फैले काले धन के घोटाले और उससे उपजे असंतोष को भी माना जा रहा है। इस असंतोष के कारण ही ताकाइची को नए गठबंधन के सहारे सत्ता बचाने की जरूरत पड़ी।

ये भी पढ़ें – मोहम्मद रिजवान की वनडे कप्तानी गई, शाहीन शाह अफरीदी बने पाकिस्तान के नए वनडे कप्तान
उनकी यासुकुनी तीर्थस्थल यात्राओं ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद खड़ा किया था। चीन और दक्षिण कोरिया जैसे पड़ोसी देशों ने इसे जापान के युद्धकालीन रवैये का प्रतीक बताया है। हालांकि हाल ही में ताकाइची ने व्यक्तिगत रूप से तीर्थस्थल जाने के बजाय वहां प्रतीकात्मक धार्मिक वस्तु भेजकर अपने रुख को कुछ नरम दिखाने की कोशिश की है।
राजनीतिक समीक्षकों का मानना है कि ताकाइची का प्रधानमंत्री बनना न केवल जापानी राजनीति की दिशा तय करेगा बल्कि यह एशियाई भू-राजनीति पर भी असर डाल सकता है। महिला नेतृत्व के इस ऐतिहासिक क्षण के बावजूद, उनके सामने चुनौती यह होगी कि वे रूढ़िवादी नीतियों को लागू करते हुए देश की स्थिरता और वैश्विक छवि दोनों को संतुलित रख सकें।

Editor CP pandey

Share
Published by
Editor CP pandey

Recent Posts

मेदांता गुरुग्राम और लॉज निपाल नं. 38 की पहल

गोरखपुर में सभी नागरिकों के लिए निःशुल्क हेल्थ चेकअप कैम्प 21 और 22 जून को…

2 days ago

पकड़े गए सड़क पर खड़े ट्रकों एवं स्कूल के बगल से शराब की दुकानको हटाने की उठी मांग

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l तहसील बरहज मे आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय समानता…

2 days ago

निर्माणाधीन हाईवे पर हादसो का सिलसिला डम्पर की चपेट में आकर एक की मौत

धूल से आसपास के लोग परेशान, ट्रकों की तेज रफ्तार पर उठे सवाल, भागलपुर/देवरिया(राष्ट्र की…

2 days ago

मालिक के इंतजार में पोखरी किनारे डटी रही गाय, दर्दनाक हादसे ने झकझोरा गांव

कुशीनगर में दर्दनाक हादसा: पोखरी में डूबने से 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत, गाय की…

4 days ago

विकास प्रदर्शनी व जनकल्याणकारी शिविर का प्रभारी मंत्री ने किया शुभारंभ

प्राकृतिक खेती पर कार्यशाला आयोजित संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। केंद्र सरकार के 12…

4 days ago

पुलिस महकमे में आंशिक फेरबदल नवागत आभा सिंह बनीं सीओ कैंट

एसएसपी ने महत्वपूर्ण सर्किल की सौंपी जिम्मेदारी, अरुणकुमार एस को सीओ लाइन का प्रभार गोरखपुर(राष्ट्र…

4 days ago