बरहज/ देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) बीआरडी बीड़ी पीजी कॉलेज आश्रम बरहज के प्रांगण में शुक्रवार को लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की मनाई गई पुण्यतिथि।
स्वाधीनता आंदोलन में अगली पंक्ति के नेता रहे सरदार बल्लभ भाई पटेल दृण इच्क्षा शक्ति के धनी और कठोर निर्णय लेने के लिए प्रसिद्ध रहे हैं ।राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने बारडोली सत्याग्रह में पटेल के महान संगठनात्मक कौशल को देखते हुए, उन्हें सरदार की उपाधि से नवाजा था। उन्हें भारत का लौह पुरुष भी कहा जाता है। आजादी के बाद संघीय गणराज्यों के एकीकरण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तटस्थ रहा। उन्होंने सभी गणराज्यों को एक सूत्र में पिरोकर शशक्त भारत बनाया।
इसके लिए पटेल ने किसी से भी कोई समझौता नहीं किया,इसलिए उन्हें लौह पुरुष कहा गया।उन्होने अपने व्यक्तित्व एवं कृतित्व की ऐसी अमिट छाप छोड़ी की आज की पीढ़ियां भी उनके नाम का स्मरण श्रद्धा के साथ लेती हैं। उक्त उदगार स्थानीय बाबा राघवदास भगवानदास स्नातकोत्तर महाविद्यालय आश्रम में सरदार बल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि के अवसर पर वक्ताओं ने व्यक्त किया ।सर्वप्रथम उनके चित्र पर प्राचार्य प्रोफ़ेसर शम्भुनाथ तिवारी ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दिया। इस दौरान मुख्य रूप से प्रोफेसर अजय कुमार मिश्र ,डॉक्टर अमरेश त्रिपाठी ,डॉक्टर बिनय तिवारी, डॉक्टर विवेकानंद पांडेय ,डॉक्टर सुनील श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, प्रदीप शुक्ला, विनय मिश्रा, राजीव पांडेय आदि ने अपने विचार व्यक्त किये।
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