सरकार ने लोगों के घर का सपना पूरा किया: एकनाथ शिंदे

मुम्बई(राष्ट्र की परम्परा)l युति सरकार के कार्यकाल के दौरान बाला साहेब ने झुग्गीवासियों को मुफ्त घर देने की घोषणा की थी। वह योजना कैसे पुरी होगी ऐसी शंका अनेक लोगों ने व्यक्त किया था । लेकिन हमने लोगों की शंका का समाधान करते हुए उनके सपनों के घर का सपना साकार कर दिखाया, उक्त बातें मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कुर्ला के एचडीआईएल में प्रकल्प ग्रस्त झोपड़ावासियो के पुनर्वसन के दौरान चाबियों का वितरण करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि विधायक दिलीप लांडे लगातार चांदीवली विधानसभा की समस्याओं को मेरे सामने रखते हैं और उनका समाधान कराते हैं। विधायक दिलीप लांडे सत्र के दौरान मीठी नदी से सटे क्रांति नगर और संदेश नगर के झुग्गीवासियों के पुनर्वास का मुद्दा उठाते हुए विधानसभा में रोने लगे। लांडे मामा ने अपने युद्ध स्तर पर किए गए कार्य के माध्यम से दिखाया है कि गरीबों का विधायक कैसा होना चाहिए । शिंदे ने आगे कहा कि हमने चांदीवली में अस्पताल को 500 करोड़ दिए हैं। काम शुरू हो गया है। यह तेजी से फैसले लेने वाली सरकार है। मुंबई से बाहर गए मुंबईकरों को वापस लाने का काम कर रही है। मेट्रो परियोजनाएं रुक गईं, ट्रैफिक बढ़ गया। शिंदे ने आश्वाशन दिया की माहुल की निवासियों को जल्द ही पंद्रह सौ घर मिलेंगे। इस मौके पर विधायक लांडे ने सपरिवार मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का पैर छूकर आभार प्रकट किया। इस दौरान एमएमआरडीए के सह महानगर आयुक्त राधा विनोद शर्मा, अतिरिक्त जिला अधिकारी पद्माकर रोकड़े, महिला विभाग प्रभाग प्रमुख चंद्रप्रभा मोरे, विधानसभा प्रमुख अशोक माटेकर, पूर्व नगरसेवक किरण लांडगे, वाजिद कुरेशी, हरीश शुक्ला, हारून खान, उपप्रभाग प्रमुख रतिलाल अगरथड़े राजेंद्र पाटिल, युवा सेना के कार्यकारिणी सदस्य प्रयाग दिलीप लांडे सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी उपस्थित थे। बता दें कि चांदीवली विधानसभा के विधायक दिलीप लांडे के प्रयासों से क्रांतिनगर और संदेशनगर के प्रभावित झुग्गीवासियों को उनका घर मिल गया। 26 जुलाई 2005 को क्रांतिनगर और संदेशनगर भारी बारिश में पूरी तरह डूब गया था। फिर 2008-2009 में केंद्र सरकार और राज्य सरकार के सहयोग से प्रभावित झुग्गीवासियों के पुनर्वास के लिए एचडीआईएल में पुनर्वास के लिए इमारतें बनाई गई। लेकिन पिछले 15 साल से यहां के लोग अपने घर का इंतजार कर रहे थे। हर साल बरसात के मौसम में उनके घरों में 4-5 फीट पानी भर जाता था, जिससे हमेशा आर्थिक नुकसान होता था। इससे स्थानीय नागरिकों का काफी नुकसान हुआ करता था। लेकिन विधायक दिलीप लांडे के अथक प्रयास से उनका इंतजार खत्म हो गया और 1500 परिवारों को उनके हक का घर मुख्यमंत्री के हाथों मिल गया है।

rkpNavneet Mishra

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