✍️ डा० कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’ ‘विद्या वाचस्पति’
जीवन सफ़र उनके लिए सुहावना है,
जो इस सफ़र का आनंद उठाते हैं।
कठिन वही बना लेते हैं राहों को,
जो तुलना में अपना सुख खो देते हैं।
दूसरों की आलोचना में जो
हर पल समय गंवाते रहते हैं,
वे अपने ही मन का चैन
अनजाने में खोते रहते हैं।
हमारा अपना नज़रिया ही
जीवन को परिभाषित करता है,
सकारात्मक दृष्टि का दीपक
अंधेरों को दूर करता है।
जैसे एक अच्छा पेड़
हमेशा अच्छे फल देता है,
वैसे ही श्रेष्ठ मनुष्य का मन
सद्विचारों से भरा रहता है।
सकारात्मक सोच की शक्ति
परिवार से विश्व तक जाती है,
उन्नति की हर नई ऊँचाई
अच्छे विचारों से ही आती है।
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