अंग्रेजों ने जब उनको भारत आने
नहीं दिया तो वे अमेरिका चले गए
‘यंग इंडिया’ पत्रिका का संपादन
और प्रकाशन उन्होंने वहीं किया।

अमेरिका के न्यूयार्क शहर में इंडियन
इनफार्मेशन ब्यूरो की स्थापना की,
इसके अतिरिक्त वहीं दूसरी संस्था
‘इंडिया होमरूल’ भी स्थापित की।

1920 में जब वह भारत वापस आए
उनकी लोकप्रियता आसमान पर थी
गांधी जी के उस असहयोग आंदोलन
से उनकी भूमिका भी तय कर दी थी।

लाला जी के नेतृत्व में असहयोग
आंदोलन पंजाब में आग की तरह
फैल गया और उनका शेर ऐ पंजाब
तथा पंजाब केसरी तब नाम पड़ा ।

लालाजी ने अपना सर्वोच्च बलिदान
साइमन कमीशन के समय दिया,
30 अक्टूबर 1928 को साइमन
सात सदस्यीय आयोग भारत लाया।

आदित्य लाहौर सहित भारत भर में
साइमन कमीशन का विरोध हुआ था,
‘साइमन कमीशन वापस जाओ’ व
‘इंकलाब जिंदाबाद’ नारा गूँज रहा था।

  • कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’