श्रावस्ती (राष्ट्र की परम्परा)। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु के असिस्टेंट प्रोफेसर और भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ के जिला संयोजक डॉ. शरदेन्दु कुमार त्रिपाठी इन दिनों मिशन गोरखपुर-फैज़ाबाद शिक्षक एमएलसी 2026 को लेकर सक्रिय हैं। डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि भगवान बुद्ध को महानतम शिक्षक मानते हुए उनकी प्रेरणा से उन्होंने कपिलवस्तु स्थित पिपरहवा स्तूप से प्राप्त रत्नों की नीलामी रोकवाने की लड़ाई लड़ी थी।
इस संघर्ष ने उन्हें लोगों का आशीर्वाद और सहयोग दिलाया, जिसने आगे बढ़ने का साहस दिया। इसी कड़ी में वे लगातार 17 जिलों का दौरा कर रहे हैं। शिक्षकों, भाजपा पदाधिकारियों और समर्थकों से मिलते हुए उन्हें व्यापक समर्थन मिल रहा है। हाल ही में श्रावस्ती प्रवास के दौरान एक बौद्ध भिक्षु ने उनके संघर्ष को पहचानते हुए उन्हें आशीर्वाद और मिशन के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। डॉ. त्रिपाठी का कहना है कि यह उनके लिए तथागत के आशीर्वाद के समान है। उन्होंने विश्वास जताया कि साथियों के सहयोग से सफलता अवश्य मिलेगी।
रसोई में महंगाई का तड़का: प्याज 70 रुपये पार, चीनी की तेजी ने बढ़ाई चिंता;…
बिछुआ (राष्ट्र की परम्परा)। कक्षा में पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों को उद्योग जगत की वास्तविक…
✍️ विजय गुंजन स्नेह है, अनुराग है, पवित्रता का बंधन है,ममता भरे एक धागे का…
नवनीत मिश्र रक्षा बंधन केवल कलाई पर राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के…
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश के ठेकेदार रॉयल्टी से जुड़े मामलों…
✍️ संजय एम. तराणेकर कलाई पर बंधता धागा है,पर बंधता है उससे विश्वास,बहन की आँखों…