स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्रीराम पांडेय का निधन: क्षेत्र में शोक की लहर


102 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस, ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में निभाई थी अग्रणी भूमिका

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी श्रीराम पांडेय का सोमवार को निधन हो गया। वे 102 वर्ष के थे और सलेमपुर विकासखंड के ग्राम मधवापुर के निवासी थे। उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। लोग नम आंखों से इस पुरोधा को अंतिम विदाई देने उनके निवास पहुंचे।

परिजनों के अनुसार, रविवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। वहीं सोमवार सुबह इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

स्वतंत्रता संग्राम में साहसपूर्ण भूमिका

स्वतंत्रता सेनानी श्रीराम पांडेय ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में 1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में भाग लिया था। उस दौर में उनका घर क्रांतिकारियों का सुरक्षित ठिकाना बना हुआ था। रामदरश राव (बांगरबारी), रघुनाथ तिवारी (सहला), मुक्तिनाथ तिवारी (टैरिया), ज्वाला प्रसाद मिश्र (पुरैनी परसिया), वसुधानंद पांडेय (बनकटा) और चुम्मन दुबे (केहुनिया) जैसे कई क्रांतिकारी उनके घर पर छिपे थे।

जब अंग्रेज अफसर लॉर्ड वेलेंक्टन को इसकी सूचना मिली, तो ब्रिटिश पुलिस ने मधवापुर स्थित उनके घर पर छापा मारा। उस समय श्रीराम पांडेय की पत्नी प्रभावती पांडेय, जो नवविवाहिता थीं, ने अद्भुत साहस दिखाते हुए पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। लेकिन छानबीन में सभी क्रांतिकारी पकड़ लिए गए और प्रभावती देवी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

अदालत में पेशी के दौरान प्रभावती देवी से माफी मांगने को कहा गया, लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। नतीजतन श्रीराम पांडेय और उनकी पत्नी दोनों को दो वर्षों की सजा सुनाई गई। वर्ष 1944 में दोनों को रिहा किया गया।

फिर से हुए गिरफ्तार

स्वतंत्रता के प्रति समर्पण का यह जज्बा रुका नहीं। 1946 में पूर्णिया (बिहार) में एक बार फिर वे स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय हुए और गिरफ्तार कर लिए गए। उन्हें 13 अगस्त 1947 को रिहा किया गया — ठीक दो दिन बाद भारत स्वतंत्र हुआ।

अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब

श्रीराम पांडेय के निधन की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मधवापुर गांव पहुंचे और परिजनों से मिलकर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। क्षेत्रीय विधायक, सामाजिक कार्यकर्ता, अध्यापक वर्ग और छात्र संगठनों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

Editor CP pandey

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