श्रमिक और कोविड अनाथ बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालय में मुफ्त सीबीएसई पढ़ाई

श्रमिकों और कोविड से अनाथ बच्चों के लिए निःशुल्क सीबीएसई शिक्षा का सुनहरा अवसर

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।श्रमिक परिवारों और कोविड-19 महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चों के भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित अटल आवासीय विद्यालय सहजनवा, गोरखपुर में कक्षा 6 और कक्षा 9 में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस योजना के तहत चयनित बच्चों को पूरी तरह निःशुल्क सीबीएसई पैटर्न पर आधारित आवासीय शिक्षा दी जाएगी, जिससे आर्थिक तंगी शिक्षा में बाधा न बने।
मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह विद्यालय अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। यहां बच्चों को स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं, खेलकूद के समुचित संसाधन और सुरक्षित आवासीय वातावरण उपलब्ध कराया जाता है। उद्देश्य यह है कि श्रमिक वर्ग और कोविड से प्रभावित बच्चों को भी वही अवसर मिलें, जो सामान्यतः महंगे निजी विद्यालयों में उपलब्ध होते हैं।

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यह योजना विशेष रूप से श्रम विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों तथा कोविड-19 से अनाथ हुए उन बच्चों के लिए है, जो महिला एवं बाल कल्याण विभाग में पंजीकृत हैं या मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत पात्र हैं। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत वे श्रमिक, जिन्होंने 30 नवंबर 2025 तक कम से कम तीन वर्ष की सदस्यता पूरी कर ली है, वे अपने अधिकतम दो बच्चों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
आयु सीमा के अनुसार पात्रता भी स्पष्ट की गई है। कक्षा 6 के लिए 1 मई 2014 से 31 जुलाई 2016 के बीच जन्मे बच्चे तथा कक्षा 9 के लिए 1 मई 2011 से 31 जुलाई 2013 के बीच जन्मे बच्चे आवेदन के योग्य होंगे। आवेदन प्रक्रिया को सरल रखते हुए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं। इच्छुक अभिभावक सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय, विकास भवन देवरिया सहित संबंधित विभागों से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं।

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भरे हुए आवेदन पत्र 31 जनवरी 2026 तक जमा किए जाएंगे। इसके बाद प्रवेश परीक्षा की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रवेश पत्र 7 फरवरी 2026 से उपलब्ध होंगे और प्रवेश परीक्षा 22 फरवरी 2026 (रविवार) को आयोजित की जाएगी। परीक्षा के माध्यम से मेधावी और पात्र छात्रों का चयन किया जाएगा, ताकि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिल सके।
मुख्य विकास अधिकारी ने श्रमिकों और कोविड से प्रभावित बच्चों के अभिभावकों से अपील की है कि वे इस योजना का पूरा लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक प्रवेश प्रक्रिया नहीं, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने का अवसर है। निःशुल्क आवासीय शिक्षा, अनुशासित वातावरण और सीबीएसई पाठ्यक्रम बच्चों को आगे चलकर प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के लिए मजबूत आधार प्रदान करेगा।

Editor CP pandey

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