बहराइच (राष्ट्र की परम्परा) जिले के पयागपुर क्षेत्र का रहने वाला युवक पैर से भले दिव्यांग है फिर भी ई-रिक्शा के सहारे सात परिवार का पेट पाल रहा संजय बढई!
पयागपुर क्षेत्र के सत्संग नगर कॉलोनी मौजा काशीजोत निवासी संजय उम्र 40 वर्ष जन्मजात से दोनों पैर से दिव्यांग है पिता की मृत्यु हो चुकी है! अपनी बुढी माता पुष्पा देवी की सेवा के साथ पत्नी सहित पांच बच्चों की परोरिश के लिए ई रिक्शा सहारा बन चुका है!
संजय कहते हैं कि गरीबों की मार खाकर अनपढ़ रह गए शिक्षा भी नहीं ले सके पिता की सेवा करने का मौका नहीं मिला तो अबअपनी बुढी मां पुष्पा देवी का परोरिस कर रहा हूं! चाहे ठडक हो अथवा गर्मी व बरसात ई रिक्शा सहारा बना हुआ है!
अपने बुलंद हौसलों से बुलंदियों को छूना चाहता है फिर भी संजय !
गरीबी बेबशी लाचारी को दरकिनार कर दृढ इच्छा शक्ति के बल बूतों से कामयाबी हासिल कर रहा संजय
वैसे दृढ इच्छा शक्ति है तो सारी समस्याएं स्वता समाप्त हो जाती हैं! इस प्रकार यदि लोग सीख ले तो समाज से बेरोजगारी दूर हो सकती है और प्रत्येक व्यक्ति सुखी जीवन जी सकता है!
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