Tuesday, January 13, 2026
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लाडली बहना योजना की किस्तों पर चुनावी बहस तेज

मतदान से पहले राशि ट्रांसफर पर आयोग सख्त

मकर संक्रांति से पहले ‘मुख्यमंत्री माझी लाडली बहना योजना’ पर सियासी घमासान, चुनाव आयोग की नजर

मुंबई (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)महाराष्ट्र की महायुति सरकार की मुख्यमंत्री माझी लाडली बहना योजना एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गई है। सरकार ने मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर 14 जनवरी को पात्र महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में 3,000 रुपये एकमुश्त ट्रांसफर करने की तैयारी की है। यह राशि दिसंबर और जनवरी माह की 1,500-1,500 रुपये की लंबित किस्तों को मिलाकर दी जाएगी।
हालांकि, यह भुगतान नगर निगम चुनावों से ठीक एक दिन पहले होने के कारण विवादों में घिर गया है। विपक्ष का आरोप है कि इसका सीधा असर मतदाताओं पर पड़ सकता है और यह चुनाव आचार संहिता की भावना के विपरीत है।

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कांग्रेस ने चुनाव आयोग का खटखटाया दरवाजा
कांग्रेस ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर मांग की है कि मतदान से पहले लाभार्थियों के खातों में राशि न भेजी जाए। पार्टी का कहना है कि 15 जनवरी को मतदान है और उससे ठीक पहले करीब एक करोड़ महिलाओं को पैसे ट्रांसफर करना वोटरों को प्रभावित कर सकता है। कांग्रेस ने इसे “सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग” की संज्ञा दी है।
चुनाव आयोग ने इस पर संज्ञान लेते हुए महाराष्ट्र के मुख्य सचिव से सरकार का पक्ष स्पष्ट करने को कहा है।
बीजेपी का जवाब: महिलाओं के हित से समझौता नहीं
बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि महिलाओं के कल्याण से जुड़ी योजना को चुनावी चश्मे से देखना गलत है। पार्टी का कहना है कि त्योहार के मौके पर सहायता देना सरकार की जिम्मेदारी है और इसे रोका नहीं जाना चाहिए।

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बीएमसी चुनाव और बढ़ता राजनीतिक दांव
बीएमसी चुनाव महाराष्ट्र की राजनीति में बेहद अहम माने जाते हैं। मुंबई जैसे आर्थिक केंद्र में प्रशासनिक और वित्तीय नियंत्रण पाने के लिए सभी दल पूरी ताकत झोंक रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री माझी लाडली बहना योजना की टाइमिंग ने इस चुनाव को और भी रोचक बना दिया है।
अब सबकी निगाहें चुनाव आयोग के फैसले पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि यह योजना जारी रहेगी या मतदान के बाद लागू होगी।

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