पद्म श्री रामदरश मिश्र के निधन पर साहित्यकार, समाजसेवियों ने जताया शोक
सलेमपुर, देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। पद्म श्री पुरस्कार से विभूषित हिन्दी साहित्य के कवि व साहित्यकार रामदरश मिश्र के निधन पर साहित्यकार व समाजसेवियों ने नगर के ईचौना पश्चिमी वार्ड में शोक सभा का आयोजन कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित किया। इस दौरान सम्बोधित करते हुए कवि और साहित्यकार गिरिधर करुण ने कहा कि हिन्दी साहित्य के प्रतिष्ठित कवि ,साहित्यकार व महान शिक्षाविद थे रामदरश मिश्र इनके निधन से साहित्य जगत की अपूरणीय क्षति हुई है।इनके योगदान से पूर्वांचल अपने को गौरवान्वित महसूस करेगा।
सेंट जेवियर्स के प्रधानाचार्य वीके शुक्ला ने कहा कि आधुनिक हिंदी साहित्य के लिए यह हमेशा जाने जाते थे अपनी रचनाओं के माध्यम से हिन्दी साहित्य को नई उचाइयां प्रदान की। कांग्रेस नेता डॉ धर्मेन्द्र पांडेय ने कहा कि इन्होंने अपनी रचनाओं में गांव की मिट्टी ,सादगी और मूल्यधर्मिता को सदैव स्थान दिया। इसके लिए इन्हें 2025 में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कवि व रंगकर्मी संजय मिश्र ने कहा कि इन्होंने अपने रचनाओं के माध्यम से आमजन की पीड़ा को व्यक्त किया। इनकी कमी सदैव महसूस होगी। पूर्व प्रधानाचार्य कवि नरसिंह तिवारी ने कहा कि इनकी लम्बी साहित्यिक यात्रा समय के कई मोड़ों से गुजरी है और नित्य नई नूतनता की छवि को प्राप्त हुई है।पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सुधाकर गुप्त ने कहा कि इनकी रचनाओं में मानवीय संवेदनाओं और संघर्षों का चित्रण मिलता है। डॉ चतुरानन ओझा ने कहा कि अपनी सर्जनात्मक प्रतिभा से अपनी प्रभावशाली अभिव्यक्ति के साथ गजल में भी सार्थक उपस्थित रेखांकित किया है।शोक व्यक्त करने वालों में कवि अरुण शर्मा,सतीश चंद भाष्कर, रामविलास तिवारी, अश्विनी पांडेय,भागीरथी प्रसाद,कवि योगेन्द्र द्विवेदी, बीरबल यादव,मोहन प्रसाद,योगेंद्र वियोगी, आनंद उपाध्याय ,गोपाल यादव आदि प्रमुख रूप से शामिल हुए।
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