गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के सहायक आचार्य एवं शोधकर्ता डॉ. निखिल कुमार को एससीआई रैंक ग्लोबल की वर्ष 2025 की वैश्विक शोध रैंकिंग में विश्व के शीर्ष 5 प्रतिशत स्वतंत्र शोधकर्ताओं में स्थान मिला है। यह चयन शोध प्रकाशनों की गुणवत्ता, उद्धरण, प्रभाव और वैज्ञानिक योगदान के आधार पर किया गया है।
डॉ. कुमार के शोध पत्र फिजिकल रिव्यू लेटर्स और नेचर साइंटिफिक रिपोर्ट्स जैसी प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा मेहदावल, संत कबीर नगर में हुई, जबकि उच्च शिक्षा और शोध कार्य उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय, जेएनयू, आईआईटी कानपुर और टीआईएफआर जैसे संस्थानों में किया।
उनका प्रमुख शोध क्षेत्र सुपरकंडक्टिंग माइक्रो एवं नैनो स्क्विड तकनीक है, जिसका उपयोग क्वांटम तकनीक, स्पिन्ट्रॉनिक्स, चिकित्सा निदान और नैनो-इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अध्ययन में किया जाता है। उन्हें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की डीएसटी इंस्पायर फैकल्टी फेलोशिप सहित विभिन्न शोध परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 82 लाख रुपये की शोध निधि प्राप्त हो चुकी है।
वर्तमान में वे उच्च तापमान सुपरकंडक्टर्स, फेरोमैग्नेटिक थिन फिल्म हेटरोस्ट्रक्चर्स, फेराइट-पॉलिमर नैनोकॉम्पोजिट्स तथा परोव्स्काइट सोलर सेल्स पर शोध कर रहे हैं। वर्ष 2026 में उनके सहयोग से Q1 श्रेणी की अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में तीन महत्वपूर्ण शोध पत्र भी प्रकाशित हुए हैं। वैज्ञानिक समुदाय ने इस उपलब्धि को पूर्वांचल और भारतीय विज्ञान जगत के लिए गौरवपूर्ण बताया है।
