डॉ मुख़र्जी ने देश की एकता व अखंडता के लिए अपनी जान दे दी-जयनाथ

सलेमपुर (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय जनता पार्टी द्वारा विधानसभा सलेमपुर मे मझौली सहजौर मण्डल के शक्ति केंद्र राउतपार अमेठिया बूथ संख्या 191 एवं 192 पर डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस मनाया गया।जिसमें भाजपा नेता जयनाथ कुशवाहा गुड्डन सहित पार्टी कार्यकर्ताओं ने डॉ मुखर्जी के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित व दीप प्रज्वलित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। भाजपा नेता जयनाथ कुशवाहा ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदानों को याद करते हुए संगठन के लिए उनके द्वारा किए गए कार्यों को बताया। डॉ मुख़र्जी ने देश की एकता व अखंडता के लिए अपनी जान दे दी। भारतीय जनसंघ के संस्थापक डाॅ श्यामाप्रसाद मुखर्जी के कारण कश्मीर भारत का अभिभाज्य अंग बना।आजादी के बाद पंडित नेहरू एवं शेख अब्दुल्ला के साथ हुए समझौते के तहत जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ था।इसके तहत जम्मू कश्मीर का अपना अलग संविधान था।उनका अलग झंडा था तथा वहां के मुख्यमंत्री को कश्मीर का प्रधानमंत्री कहा जाता था।शेष भारत के लोगों को कश्मीर जाने के लिए वहां के सरकार से विशेष अनुमति लेनी पड़ती थी,जो कि डाॅ मुखर्जी को मान्य नहीं था।डाॅ मुखर्जी ने एक देश दो विधान, दो निशान, दो प्रधान के खिलाफ आंदोलन चलाया।वहीं उनके उद्देश्यों को पूरा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर में धारा 370 समाप्त कर डॉ मुखर्जी के सपनों को साकार किया है।
कार्यक्रम मे मण्डल प्रभारी बलबीर सिंह दादा ने कहा कि युवा काल में एक नौजवान श्यामा प्रसाद मुखर्जी महज सताइस वर्ष में बैरिस्टर बन गए 33 वर्ष में बंगाल यूनिवर्सिटी में उप कुलपति बने। वो चाहते तो मजे से काम करते आराम दायक जीवन चुन सकते थे। लेकिन मुखर्जी ने संघर्ष चुना जो आज नए भारत का आधार स्तंभ बना ।
उक्त अवसर पर मण्डल अध्यक्ष जसवंत सिंह गुड्डू, इंद्र बहादुर यादव, सोनू सिंह, बीरबल चौहान, रमेश मिश्र एवं रविन्दर पाल मौजूद रहे।

Karan Pandey

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