संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। फार्मर रजिस्ट्री अभियान की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी जय प्रकाश और मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। डीएम ने स्पष्ट किया कि तय समय सीमा में लक्ष्य पूरा न होने पर जिम्मेदारी तय होगी।
बैठक में सामने आया कि अब तक 25,746 किसानों की रजिस्ट्री पूरी हो सकी है, जबकि 48,400 किसान अभी भी पंजीकरण से वंचित हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम आलोक कुमार ने सबसे खराब प्रगति वाले गांवों के लेखपाल, पंचायत सहायक, रोजगार सेवक और कृषि कर्मियों को तलब किया।
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समीक्षा के दौरान पांच पंचायत सहायक और एक रोजगार सेवक अनुपस्थित पाए गए। इस पर उनका मानदेय रोकने के निर्देश दिए गए, वहीं संबंधित गांवों के सचिवों का एक दिन का वेतन रोकने की कार्रवाई की गई। इसके अलावा चकबंदी से लौटे दो लेखपालों के खराब प्रदर्शन पर उनका भी एक दिन का वेतन रोका गया।
डीएम आलोक कुमार ने सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार और खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षेत्र में कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कर नियमित निगरानी करें। उन्होंने कहा कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समय पर कार्य पूरा न होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
अपर जिलाधिकारी जय प्रकाश ने निर्देश दिए कि जिन किसानों के नाम में त्रुटि, मूल अभिलेख में प्रविष्टि न होना या अंश निर्धारण लंबित है, उनका कार्य 2 से 3 दिन में पूरा कराया जाए। शासन ने 30 अप्रैल 2026 तक सभी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया है, इसके बाद किसी भी प्रकार की ढिलाई पर विभागीय कार्रवाई तय मानी जाएगी।
