Tuesday, April 21, 2026
HomeUncategorizedसीताराम विवाह की कथा सुन भावविभोर हुए भक्त

सीताराम विवाह की कथा सुन भावविभोर हुए भक्त

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) नव दिवसीय श्रीराम कथा के पांचवें दिन अवध धाम से पधारे हुए संत धीरज कृष्ण महाराज ने श्री सीताराम विवाह महोत्सव पर संगीतमयी चर्चा करते हुए कहा कि, संत विश्वामित्र के यज्ञ के बाद राम लक्ष्मण धनुष यज्ञ देखने की जिज्ञासा से गुरु के साथ मिथिला पहुंचे। महाराज जनक के बंदी जनों ने धनुष के विशेषताओं का वर्णन किया। जब अभिमानी राजाओं से धनुष नहीं टूटा तो महाराज जनक ने कहा, राजाओं अब आप लोग अपने-अपने घर को जाए मेरी बेटी के भाग्य में विवाह लिखा ही नहीं है। किन्तु विश्वामित्र ने भरे दरबार मे प्रभु श्री राम को धनुष तोड़ने का आदेश दिया। प्रभु श्री राम ने पलक झपकते ही भगवान शिव के धनुष को तोड़ दिया और श्री सीताराम विवाह संपन्न हुआ। कथा के प्रारंभ में व्यास पीठ का पूजन मुख्य यजमान विनय मिश्रा शकुंतला मिश्रा एवं नरेंद्र मिश्र पप्पू ,विजय कुमार सिंह रिंकू ,आशुतोष शुक्ला, प्रदीप शुक्ला, शशि कला शर्मा ने किया। कथा कार्यक्रम के दौरान डॉ राम विश्वास पांडेय ,प्रेम शंकर पाठक ,कृष्ण मुरारी तिवारी, गिरीश मिश्रा, मोहन प्यारे सोनी, अंचल पाठक, गिरिजा देवी, कुमकुम मिश्रा, मानवी सिंह, मनोरमा देवी, रेखा मिश्रा, मीना देव, मुन्ना रावत पूजा दुबे,पदमा दुबे,ओमप्रकाश दुबे, साहित काफी संख्या में श्रद्धालु भक्तजन मौजूद रहे। कथा के संयोजक आश्रम पीठाधीश्वर आंजनेय दास महाराज ने श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments