सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) ।सलेमपुर के पण्डित हरैया में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस की कथा में आचार्य ब्रजेश मणि त्रिपाठी महाराज ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं की कथा का रसपान कराया। भगवान के गोकुल आगमन पर पूरा ब्रजमंडल आनंदित हो उठा सारे ब्रजवासी एक दूसरे पर दूध, दही, माखन को उड़ेल कर बधाई दे रहे हैं। नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की यह सारे ब्रजवासी गा रहे हैं। भगवान के जन्म के छठवें दिन पूतना का आगमन होता है, जो अपने स्तनों में विष लगाकर भगवान को मारना चाहती है, भगवान ने ऐसी बालघातनी पूतना पर भी कृपा करके उसे मातृवत स्नेह देते हुए मुक्त कर दिया। भगवान ग्वाल बालों के साथ मिलकर माखन चोरी की लीला करते हैं। गोपियां माता यशोदा जी से शिकायत करती हैं तब मैया भगवान को रस्सी से बांध कर उन्हें ऊखल से बांध देती हैं, जिससे भगवान ने कुबेर के पुत्र नलकूबर और मणिग्रीव जो यमलार्जुन के वृक्ष के रूप में खड़े थे उन पर कृपा किया है। कालिया नाग पर प्रभु ने कृपा किया। गोवर्धन पूजा के द्वारा भगवान ने प्रकृति से प्रेम करना सिखाया है। इस दौरान डॉ परमहंस मिश्रा, अभिषेक मिश्रा, हिमांशु मिश्रा, बाल्मीकि त्रिपाठी, मृत्युंजय पाण्डेय आदि मौजूद रहे।।
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