कोरबा/छत्तीसगढ़(राष्ट्र की परम्परा)
नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा के गठन के बाद से वार्ड 63 मोंगरा के प्रभावित गांवों बांकी बस्ती, मड़वाढोढा, पुरैना, मोंगरा बस्ती, गंगानगर, अवधनगर में सड़क मरम्मत, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, नाली मरम्मत जैसे सामान्य विकास कार्य भी पूरी तरह से बंद है। यह आरोप माकपा की मोंगरा वार्ड पार्षद राजकुमारी कंवर ने गुरुवार को एक प्रेस बयान में लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा के मनोनीत अध्यक्ष द्वारा मोंगरा वार्ड की उपेक्षा की जा रही है।
माकपा जिला सचिव प्रशांत झा ने भी आरोप लगाया है कि राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद निर्वाचित पार्षदों को दरकिनार करके और भाजपा समर्थक नेताओं का मनोनयन करके जिस तरह बांकी पालिका का गठन किया गया है, वह उसके तानाशाहीपूर्ण तरीके को ही बताता है। इससे नगर सरकार की स्वायत्तता को ही चोट पहुंची है।
माकपा नेता ने कहा कि अब स्थिति यह है कि जनता द्वारा निर्वाचित पार्षदों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है, अधिकारियों की मनमर्जी चल रही है और वार्डों में विकास कार्य पूरी तरह से ठप्प है। उन्होंने कहा कि सत्ता की हवस में डूबी भाजपा अपने कृत्यों के जरिए अपना जन प्रतिनिधि चुनने वाली जनता जनार्दन का ही अपमान कर रही है।
माकपा नेता ने कहा है कि माकपा हमेशा से राजनैतिक भेदभाव से ऊपर उठकर पिछड़े वार्डों के विकास की पक्षधर रही है। कोरबा नगर निगम में पार्टी के निर्वाचित पार्षदों ने इसके लिए संघर्ष किया है। बांकी पालिका के गठन के बाद भाजपा की भेदभावपूर्ण नीति के खिलाफ भी माकपा संघर्ष करेगी।
पिछड़े वार्डों के प्रति भाजपा की भेदभावपूर्ण नीति के खिलाफ और नगर पालिका की स्वायत्तता के लिए आवाज बुलंद करने के लिए कल 13 सितंबर को बांकी पालिका के घेराव की घोषणा माकपा ने की है। इस संबंध में एक ज्ञापन भी सीएमओ और पालिका अध्यक्ष को दिया गया।
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