बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम आयोजित
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
बेटियां लक्ष्मी, सरस्वती एवं दुर्गा माँ का स्वरूप होती हैं। उनके होने भर से घर की शोभा बढ़ जाती है। बेटियों के जन्म पर बेटों के जन्म जैसा ही उत्सव मनाना चाहिए। रूढ़िवादी सोच को पीछे छोड़ बेटियों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
उक्त बातें जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने मेडिकल कॉलेज स्थित एमसीएच विंग में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना-अंतर्गत आयोजित कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। जिलाधिकारी ने कहा की जनता दर्शन के दौरान अक्सर ऐसे माता-पिता आते हैं, जिनके दुख की वजह उनके अपने बेटे होते हैं। आज तक एक भी ऐसा प्रकरण नहीं आया जिसमें माता-पिता के दुख की वजह बेटी हो। उन्होंने कहा कि 21वी सदी में बेटियां हर क्षेत्र में आगे हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि बेटी के जन्म होने पर मुख्यमंत्री सुमंगला योजना के अंतर्गत छह चरणों में 15 हजार रुपये उपलब्ध कराए जाते हैं।
सीएमओ डॉ राजेश झा ने कहा कि बेटियां बेटों से किसी भी मामले में कमतर नहीं होती हैं। हर माता-पिता को अपनी बेटियों को पढ़ने का अवसर जरूर देना चाहिए।बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष सावित्री राय ने कहा कि जिस गति से शिशु लिंगानुपात घट रहा है उससे आने वाले दिनों में कई तरह की सामाजिक समस्याएं आएंगी। बेटों की तुलना में बेटी माता-पिता का ज्यादा ख्याल रखती है।
कार्यक्रम के दौरान केक काटकर प्रतीकात्मक रूप से बेटियों का जन्मोत्सव मनाया गया एवं हाल के दिनों में जन्म लेने वाली एक दर्जन से अधिक बेटियों में बेबी केयर गिफ्ट पैक वितरित किया गया। सीएमएस (महिला) डॉ अल्पनारानी गुप्ता, मीनू जायसवाल सहित विभिन्न लोग उपस्थित थे।
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