स्मृति मंधाना को मिली दोहरी जिम्मेदारी! टीम इंडिया की कप्तानी के साथ अब यूनिसेफ का भी बड़ा मिशन, जानिए क्या होगा खास

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारतीय महिला क्रिकेट की स्टार खिलाड़ी स्मृति मंधाना के खाते में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। क्रिकेट के मैदान पर अपने बल्ले से धमाल मचाने वाली मंधाना अब बच्चों और किशोरियों के अधिकारों की आवाज भी बनेंगी। यूनिसेफ इंडिया ने उन्हें अपना सेलिब्रिटी एडवोकेट नियुक्त किया है। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर हुई इस घोषणा के बाद मंधाना की भूमिका खेल के मैदान से निकलकर सामाजिक बदलाव के एक बड़े अभियान तक पहुंच गई है। स्मृति मंधाना की यह नई जिम्मेदारी इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्हें हाल ही में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी सौंपी गई है। अब उनके सामने दोहरी चुनौती होगी। एक तरफ टीम इंडिया को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना, तो दूसरी तरफ देश की लड़कियों और बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित करना। उनकी लोकप्रियता और संघर्ष की कहानी इस अभियान को नई ताकत दे सकती है। यूनिसेफ से जुड़ने पर मंधाना ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि क्रिकेट ने उन्हें सिखाया है कि हर सपना एक अवसर से शुरू होता है। सही मार्गदर्शन, लगातार मेहनत और प्रोत्साहन मिले तो यही अवसर बड़ी कामयाबी में बदल सकता है। उनका मानना है कि हर बच्चे और युवा को बड़े सपने देखने तथा अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए। यूनिसेफ इंडिया के सेलिब्रिटी एडवोकेट के रूप में मंधाना किशोरियों के सशक्तीकरण, स्वास्थ्य, शिक्षा और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने से जुड़े प्रयासों का समर्थन करेंगी। इसके साथ ही खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में लड़कियों की भागीदारी और उनके लिए समान अवसरों का संदेश भी आगे बढ़ाएंगी। उनकी नई भूमिका का मकसद यह बताना है कि प्रतिभा किसी भेदभाव की मोहताज नहीं होती, जरूरत सिर्फ अवसर और प्रोत्साहन की है। क्रिकेट के महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर ने भी मंधाना की नियुक्ति का स्वागत किया है। दक्षिण एशिया में यूनिसेफ के क्षेत्रीय राजदूत और लंबे समय से संगठन से जुड़े तेंदुलकर ने सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने भरोसा जताया कि मैदान पर लाखों लोगों को प्रेरित करने वाली मंधाना मैदान के बाहर भी बच्चों के अधिकारों के लिए प्रभावशाली आवाज साबित होंगी। स्मृति मंधाना वर्ष 2013 से भारतीय टीम का हिस्सा हैं। अपनी शानदार बल्लेबाजी और निरंतर प्रदर्शन के दम पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अलग पहचान बनाई है। वह लंबे समय तक हरमनप्रीत कौर की उपकप्तान भी रही हैं। अब सीमित ओवरों के प्रारूप में कप्तानी की जिम्मेदारी संभालते हुए उनसे टीम को नई दिशा देने की उम्मीद की जा रही है। इससे पहले हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारतीय महिला टीम ने 2025 का एकदिवसीय विश्व कप खिताब जीतकर इतिहास रचा था। विश्व कप में मंधाना का प्रदर्शन भी चर्चा में रहा। उन्होंने 2025 के एकदिवसीय विश्व कप में 434 रन बनाए और टूर्नामेंट की दूसरी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। जून 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में शतक जड़कर उन्होंने तीनों प्रारूपों में अंतरराष्ट्रीय शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बनने का गौरव भी हासिल किया। अब मंधाना के सामने सिर्फ रन बनाने और टीम को जिताने की चुनौती नहीं है, बल्कि अपनी पहचान का इस्तेमाल समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए करने का अवसर भी है। उनकी यह नई पारी लाखों लड़कियों को यह संदेश दे सकती है कि सपने देखने के साथ उन्हें पूरा करने का हौसला भी जरूरी है। क्रिकेट के मैदान पर सफलता हासिल करने वाली स्मृति मंधाना अब बच्चों और किशोरियों के उज्ज्वल भविष्य की लड़ाई में भी अहम भूमिका निभाने जा रही हैं।
