बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। गुरुवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी एवं खेत मजदूर यूनियन के कार्यकर्ताओं ने मजदूरों, किसानों, नौजवानों संघ अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर गोष्ठी का आयोजन किया। बताते चलें कि गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर भाकपा व खेत मजदूर यूनियन के कार्यकर्ताओं ने मजदूरों , किसानों, व नौजवान के साथ उजरा मोहांव में विशेष गोष्ठी का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए कामरेड हरीबन्द प्रसाद ने मजदूर दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 1886 में अमेरिका के शिकागो में मजदूरों के साथ हुए बर्बरता एवं उनकी कुर्बानी की याद में दुनिया में 1 मई को मजदूर दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि मजदूरों से पहले 12 घंटा काम लिया जाता था,इसलिए मजदूरों ने 8 घण्टे काम करने को लेकर शिकागो में मजदूरों ने आंदोलन किया, जिसमे उनको अपनी कुर्बानी देनी पड़ी। खेत मजदूर यूनियन के प्रदेश सचिव विनोद सिंह ने गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहा किअपने अधिकारों को पाने के लिए मजदूरों व उनके बच्चों को शिक्षा प्राप्त करना होगा। उन्होंने कहा की मजदूरो को सरकार जुआरी बनाना चाहती है, अतः आप सभी मोबाइल का उपयोग कम करें और अधिक से अधिक शिक्षा ग्रहण कर मंजिल को प्राप्त करे यदि हम शिक्षित रहेंगे तभी हम अपने अधिकारों व मंजिल को प्राप्त करेंगे। भारती कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सहसचिव अरविंद कुशवाहा ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर ने संविधान में निःशुल्क शिक्षा की बात कही हैं,लेकिन पूंजीवाद के इस दौर में शिक्षा का व्यवसायीकरण कर दिया गया हैं, ताकि गरीब मजदूरों, किसानों के बच्चे शिक्षा से वंचित रहे । उन्होंने कहा कि जिस परिषदीय विद्यालय में 50 से कम बच्चे होंगे वह विद्यालय सरकार की तरफ से बंद कर दिया जाएगा ऐसे में मजदुर वर्ग के बच्चों के शिक्षा पर बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने निजी विद्यालय को बंद करने एवं सरकारी विद्यालयों में सुविधा के साथ साथ शिक्षा मुफ्त करने की बात कही। मजदूर अधिकार मंच के संयोजक रामकिशोर चौहान ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के द्वारा संविधान में मजदूरों, किसानों व नौजवानों के लिए दिए गए अधिकारों पर प्रकाश डाला और मजदूरों के लिए लाए गए कानून का विरोध किया तथा मनरेगा मजदूरों का मजदुरी 600 रुपए प्रति किये जाने व 200 दिन के रोजगार देने की बात कही। इस अवसर पर राम ध्यान कुशवाहा, राजेन्द्र पाल,सनजयदीप कुशवाहा, हरिचरण, काली चरण , अशोक,सुरज, कन्हैया, अखिलेश प्रसाद, भगवान दास, राम बड़ाई, विक्रम, अच्छे लाल प्रसाद,अंशु प्रसाद, राजदेव प्रसाद, प्रेम शिला देवी, रामवती, दासी, ध्रुवपति, कबूतरी, विमलावती, सोनिया, जगदंबा, सुदामी आदि मेंके साथ सैकड़ो मजदूर, किसान व नौजवान मौजूद रहे।
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