क्या गहलोत ने की अनुशासनहीनता!
राजस्थान में राजनीतिक उठापटक का दौर लगातार जारी है। कांग्रेस के राजस्थान प्रभारी अजय माकन और पर्यवेक्षक के तौर पर मल्लिकार्जुन खड़गे राज्य के दौरे पर हैं। इन दोनों को विधायकों से बात करने और आगे की रणनीति तय करने के लिए भेजा गया था। हालांकि, वहां मामला अब दूसरा हो चुका है। जिस तरीके से विधायकों ने अशोक गहलोत के पक्ष में रहते हुए इस्तीफा देने की बात की है, उसके बाद कांग्रेस आलाकमान हरकत में आ गया है। सूत्रों का दावा है कि यह सब कुछ अशोक गहलोत के ही इशारे पर हुआ है। यही कारण है कि अब सोनिया गांधी ने अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे से वहां को लेकर रिपोर्ट मांगी है। कांग्रेस के भीतर हलचल तेज है। अशोक गहलोत और सचिन पायलट गुट आमने-सामने है।
अजय माकन ने कहाँ की कांग्रेस को एकजुट होने की जरूरत है। खड़गे ने भी बताया है कि बगावत गहलोत के द्वारा प्रायोजित था। यही कारण है कि कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने अशोक गहलोत से स्पष्टीकरण मांगा है। खबर तो यह भी है कि अशोक गहलोत ने राजनीतिक पर्यवेक्षकों के सामने शर्त भी रख दिया है। माकन ने यह भी कहा है कि अभी यह तक साफ नहीं हुआ है कि आखिर कितने विधायकों ने इस्तीफा देने के बाद की है। माकन ने विधायक धारीवाल के घर पर बुलाई गई बैठक को अनुशासनहीनता करार दिया है। कुल मिलाकर देखें तो कांग्रेस का राजस्थान में सियासी संकट बड़ा होता दिखाई दे रहा है। अजय माकन ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री की अनुमति से रखी गई थी। जो विधायक नहीं आए उनसे वन टू वन बात सुनने के लिए हम यहां आए हैं। कोई भी बात हो आप हमें कहें। कोई फैसला नहीं हो रहा है। जो आप कहेंगे वो बात हम दिल्ली जाकर कांग्रेस अध्यक्ष को बताएंगे।
माकन ने आगे कहा कि उन्होंने (कांग्रेस विधायकों ने) जोर देकर कहा कि संकल्प 3 शर्तों के अनुरूप हो, जिस पर हमने कहा कि कांग्रेस के इतिहास में कभी भी इससे जुड़ी शर्तों के साथ कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया गया है और जो सशर्त है। हितों का टकराव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने और विधायकों के आने का इंतजार किया, लेकिन वह नही आएं। मल्लिकार्जुन खड़गे और मैं कांग्रेस प्रमुख को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए दिल्ली जा रहे हैं। इस्तीफा देने वाले या नहीं करने वाले विधायकों की संख्या और पहचान के बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है। हमें उम्मीद है कि हम इस पर बैठकर बात करेंगे और समाधान ढूंढेंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि इससे पहले भी वे(विधायक) 50 दिन बाड़े में बंद रहे हैं। मुख्यमंत्री(बनने) के लिए जो महत्वाकांक्षा रही, उससे कांग्रेस बेनकाब हुई है। अशोक गहलोत ने ऐसी सरकार छोड़ी है जिसे देवता भी ऐसी परिस्थितियों को बदल नहीं पाएंगे।
UP Polytechnic Admission 2026: 58,776 सीटों पर होगा दाखिला, मान्यता के बाद ही शुरू होगी…
आधुनिक तकनीकों से जुड़ेगा पशुधन विकास प्रशिक्षण केंद्र, किसानों को मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण बस्ती (राष्ट्र…
https://twitter.com/ANI/status/2102240475470254538?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2102240475470254538%7Ctwgr%5E9e1336f1180d7306594b8892e736051497353cd9%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.prabhatkhabar.com%2Fstate%2Fmaharashtra%2Fiit-bombay-student-suicide-case-dean-suryanarayana-doolla-suspended सौजन्य से ANI मुंबई (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)मुंबई स्थित IIT बॉम्बे में एक छात्र…
कालकाजी मंदिर के पास किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म, मुठभेड़ के बाद एक आरोपी गिरफ्तार दिल्ली…
शिलॉन्ग (राष्ट्र की परम्परा)। मेघालय उच्च न्यायालय ने राज्य की जेलों में सजा पूरी होने…
आगरा में ‘मीट एट आगरा-2026’: फुटवियर उद्योग को वैश्विक बाजार से जोड़ने की तैयारी आगरा…